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22 जुलाई, 2020|9:13|IST

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जीवीके ग्रुप पर सीबीआई के बाद अब ईडी का शिकंजा, 800 करोड़ की अनियमितता मामले में दर्ज हुआ मनी लॉन्ड्रिंग का केस

a file photo of gvk reddy   mint

सीबीआई के बाद अब ईडी ने भी जीवीके ग्रुप पर शिकंजा कस दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मुंबई हवाई अड्डे के विकास में 800 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता के मामले में मुंबई एयरपोर्ट, जीवीके ग्रुप, उसके अध्यक्ष डॉ. जीवीके रेड्डी, उनके बेटे जीवी संजय रेड्डी और कई अन्य के खिलाफ खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। एंटी मनी लॉन्ड्रिंग जांच एजेंसी जल्द ही कंपनियों के खातों की जांच शुरू करेगी और मनी लॉन्ड्रिंग का पता लगाने के लिए फंड ट्रांसफर करेगी। इसमें जांच के दौरान संपत्ति अटैच भी की जा सकती है।

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पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट ) के तहत ईडी की जांच 27 जून को दर्ज सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें 13 लोगों का नाम रेड्डी और उनके बेटे संजय रेड्डी, एमआईएएल (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) और कई कंपनियों को शामिल किया गया था, जिन्हें एयरपोर्ट पर ठेका दिया गया था। सीबीआई ने पिछले हफ्ते मुंबई और हैदराबाद में जीवीके के परिसर की भी तलाशी ली थी। 

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पिछले हफ्ते मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रवाक्ता ने सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए केस पर हैरानी जताते हुए कहा था कि एमआईएएल और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा मामला दर्ज करने पर एमआईएएल हैरान है। एमआईएएल एक पारदर्शी और जिम्मेदार कॉर्पोरेट इकाई है जो सच्चाई की जांच करने के लिए अपनी जांच में एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं मंगलवार को जीवीके के एक प्रवक्ता ने कहा, "हमें प्रवर्तन निदेशालय से कोई सूचना नहीं मिली है"

2012 से लेकर 2018 के बीच सरकारी खजाने को क्षति पहुंचाने का आरोप

सीबीआई ने 800 करोड़ रुपये की अनियमितता के मामले में जीवीके ग्रुप के चेयरमैन जीवीके रेड्डी और उनके बेटे संजय रेड्डी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनके अलावा सीबीआई इस मामले में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ-साथ अन्य कंपनियों के कई अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। इन सभी लोगों पर 705 करोड़ रुपये की अनियमितता और साल 2012 से लेकर 2018 के बीच सरकारी खजाने को क्षति पहुंचाने का आरोप  है। जीवीके ग्रुप ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया  और कुछ विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड  नाम से कंपनी बनाई थी। इसमें जीवीके के 50 प्रतिशत से ज्यादा शेयर हैं।

ऐसे की गड़बड़ी

आरोप के मुताबिक 2012 से 2018 के बीच जीवीके ग्रुप ने एमआईएएल के सरप्लस फंड के पैसे अपनी दूसरी कंपनियों में लगाए थे। यह धनराशि 395 करोड़ रुपये के करीब थी। कंपनी के मुंबई में होने के बावजूद इसके सरप्लस फंड के पैसों को हैदराबाद के बैंकों में रखा गया। सीबीआई इन सभी अनियमितताओं की जांच कर रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)ने मुंबई एयरपोर्ट के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताओं के लिए  GVK ग्रुप, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चेयरमैन, डॉ. जीवीके रेड्डी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 

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  • Web Title:ED files money laundering case against GVK Group