DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिजनेस  ›  अर्थव्यवस्था में सुधार से पेट्रोल और डीजल की मांग में होगा इजाफा 

बिजनेसअर्थव्यवस्था में सुधार से पेट्रोल और डीजल की मांग में होगा इजाफा 

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Wed, 03 Mar 2021 01:41 PM
अर्थव्यवस्था में सुधार से पेट्रोल और डीजल की मांग में होगा इजाफा 

एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तवर्ष के दौरान भारत के इंधन खपत में करीब 10 फीसद की बढ़ोतरी होगी। तेल मंत्रालय का मानना है कि अर्थव्यवस्था में सुधार आने की वजह से पेट्रोल और डीजल की मांग में इजाफा होगा। मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) ने कहा कि वर्ष 2021-22 में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 21 करोड़ 52.4 लाख टन की हो सकती है, जबकि 31 मार्च को समाप्त चालू वित्तवर्ष के लिए संशोधित अनुमान के हिसाब से 19 करोड़ 59.4 करोड़ टन की खपत हुई।

छह वर्षों में ईंधन उत्पाद की खपत की सबसे तेज

यह छह वर्षों में ईंधन उत्पाद की खपत की सबसे तेज गति होगी।  अर्थव्यवस्था के अपने खराब संकुचन के दौर से बाहर निकलने और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से इंधन खपत के बढ़ने की संभावना है। कोविड-19 महामारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए लगाए गए दो महीने से अधिक समय के लॉकडाउन की वजह से मांग आधी से भी कम रह गई थी ।

महामारी पूर्व के स्तर तक अभी नहीं लौटा

अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने से मांग वापस लौटी है, लेकिन देश में सबसे अधिक खपत वाला ईंधन- डीजल, महामारी पूर्व के अपने खपत स्तर तक अभी वापस नहीं लौटा है।  चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान ईंधन की खपत में 13.5 फीसद की गिरावट रही।

यह भी पढ़ें: पेट्रोल 45 रुपये लीटर तक हो सकता है सस्ता, डीजल का दाम भी होगा कम, मोदी सरकार कर रही है विचार

एलपीजी की मांग 4.8 फीसद बढ़कर 2.9 करोड़ टन 

पीपीएसी ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 13.3 फीसद की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि जेट ईंधन (एटीएफ) की खपत 74 फीसद बढ़ रही है। इस दौरान रसोई गैस एलपीजी की माँग 4.8 फीसद बढ़कर 2.9 करोड़ टन हो गई।  वर्ष 2021-22 में पेट्रोल की बिक्री 3.13 करोड़ टन होने का अनुमान है, जबकि डीजल की बिक्री बढ़कर आठ करोड़ 36.7 लाख टन हो जाएगी।

संबंधित खबरें