वित्त मंत्री का ऐलान- सरकार देगी 15 हजार से कम सैलरी वालों का ईपीएफ, टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए उठाया यह कदम

Rajesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की पोटली खोल दी। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप बनाने के लिए कई अहम ऐलान किए। उन्होंने कहा कि ईपीएफ के लिए...

वित्त मंत्री का ऐलान- सरकार देगी 15 हजार से कम सैलरी वालों का ईपीएफ, टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए उठाया यह कदम

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की पोटली खोल दी। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप बनाने के लिए कई अहम ऐलान किए। उन्होंने कहा कि ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन महीनों के लिए और बढ़ाई जा रही है, जो पहले मार्च, अप्रैल, मई तक दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा जून, जुलाई और अगस्त में भी 15 हजार से कम सैलरी वालों का ईपीएफ (यानी सैलरी का 24 फीसदी) सरकार जमा करेगी। सरकार के इस ऐलान का फायदा सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जिनके पास 100 से कम कर्मचारी हैं और 90 फीसदी कर्मचारी की सैलरी 15,000 रुपये से कम है। इससे कंपनी और कर्मचारी दोनों को फायदा होगा। सरकार के इस कदम से 72 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि ईपीएफ में 2500 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

सरकार ने कर्मचारियों की टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिन कर्मचारियों का 24% ईपीएफ अंशदान सरकार नहीं भर रही है यानी जिनकी सैलरी 15 हजार से ज्यादा है, उनके मामले में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए पीएफ में योगदान का प्रतिशत घटाकर 12 से 10 प्रतिशत किया गया है। इससे नियोक्ताओं के पास 6,750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। 

ध्यान रहें कि केंद्रीय कर्मचारियों और सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में के मामले में यह प्रावाधान नहीं होगा। उनके पीएफ अकाउंट में पहले की तरह ही 24% जाएगा, 12% नियोक्ता और 12% कर्मचारी का।

 

आर्थिक पैकेज पर निर्मला ने कहा-MSMEs को 3 लाख करोड़ का बिना गारंटी लोन

अन्य अहम ऐलान

वेतन को छोड़ कर दूसरे प्रकार के भुगतान पर टीडीएस, टीसीएस की दर 31 मार्च 2021 तक 25 प्रतिशत कम की गयी, इससे इकाइयों के हाथ में खर्च करने को 50,000 करोड़ रुपये की राशि मुक्त होगी।

- एमएसएमई परिभाषा को बदला जाएगा। निवेश सीमा का दायरा बढ़ाया जाएगा, कारोबार आधारित मानदंड पेश किया जाएगा।
- वृद्धि क्षमता रखने वाली लघु और मझोली इकाइयों में एमएसएमई में एमएसएमई फंड ऑफ फंड के जरिये 50,000 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी डाली जाएगी।
- एमएसएमई को दिये जाने पर कर्ज को लौटाने के लिये एक साल की मोहलत दी जाएगी, दबाव वाले एमसएएमई को 20,000 करोड़ रुपये का (बिना गारंटी के) कर्ज दिया जाएगा, इससे 2 लाख एमएसएमई लाभान्वित होंगे
- कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान के लिए सरकार 2,500 करोड़ रुपये देगी, यह प्रोत्साहन योजना अगस्त तक के लिये बढ़ायी गयी।
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, आवास वित्त कंपनियों और एमएफआई (सूक्ष्म वित्त संस्थान) के लिये 30,000 करोड़ रुपये के धन के उधार की सुविधा।
- एनबीएफसी को आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना के जरिये 45,000 करोड़ रुपये की नकदी उपलब्ध करायी जाएगी। 
- बिजली वितरण कंपनियों के समक्ष गंभीर संकट, 90,000 करोड़ रुपये की आपात नकदी उपलब्ध करायी जाएगी।

- - आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही ऑडिट की तारीख 31 अक्टूबर और विवाद से विश्वास योजना को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाया गया है।

- करदाताओं को 18,000 करोड़ रुपये का रिफंड किया गया, 14 लाख करदाताओं को लाभ।
- सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसमई) के बिना गारंटी के स्वचालित तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज, 45 लाख एमएसएमई इकाइयों को लाभ। 

Rajesh Kumar

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