Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Dont just rely on investing in Sukanya Samriddhi know its advantages and disadvantages

सिर्फ सुकन्या समृद्धि में निवेश के भरोसे रहना नहीं ठीक, जानें इसके फायदे और नुकसान

  बहुत सारे माता-पिता अपनी छोटी बच्ची के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करते हैं। इस पर मिलने वाला 7.6 फीसदी का सालाना ब्याज और 1.5 लाख रुपये तक का निवेश पर कर छूट इसे आकर्षक बनाता है।...

Sheetal Tanwar तनेश भसीन, नई दिल्लीWed, 6 Jan 2021 01:07 PM
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बहुत सारे माता-पिता अपनी छोटी बच्ची के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करते हैं। इस पर मिलने वाला 7.6 फीसदी का सालाना ब्याज और 1.5 लाख रुपये तक का निवेश पर कर छूट इसे आकर्षक बनाता है। हालांकि, वित्तीय योजनाकारों का कहना है कि सिर्फ सुकन्या समृद्धि में निवेश के भरोसे रहना ठीक नहीं है। लंबी अवधि के लिए इक्विटी एक बेहतर निवेश माध्यम है।

निवेशक इक्विटी को शामिल करें

फिन्विन फाइनेंशियल प्लानर्स के मैनेजिंग पार्टनर, मेल्विन जोसेफ ने बताया कि वैसे निवेशक जो बहुत जोखिम नहीं लेना चाहते हैं वह सुकन्या समृद्धि के साथ इक्विटी को भी अपने निवेश में शामिल करें। जब किसी के घर बच्ची हो तो वह उसके नाम एक सुकन्या समृद्धि के साथ इक्विटी में निवेश शुरू करें। हालांकि, रणनीति यह हो कि शुरुआत में वह सुकन्या समृद्धि में कम और इक्विटी में अधिक निवेश करे। जब वह अपने लक्ष्य के करीब पहुंच जाए तो वह इक्विटी में निवेश घटा दे और सुकन्या समृद्धि में बढ़ा दे।

लंबी अवधि तक ब्लॉक रहता है निवेश

विशेषज्ञों के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर लबी अवधि तक पैसा ब्लॉक रहता है। इस योजना में बेटी की उम्र 21 साल होने पर निवेश मैच्योर होता है। वहीं, 18 साल की उम्र पूरी होने पर 50 फीसदी राशि पढ़ाई के नाम निकाला जा सकता है। यानी पैसा काफी समय के लिए ब्लॉक हो जाता है। वहीं, इक्विटी में यह समस्या नहीं है। जब जरूरत हो तो निवेशक अपनी रकम को निकाल सकता है।

शर्तो की जानकारी नहीं होने पर परेशानी

विशेषज्ञों के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना की शर्तो का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसकी जानकारी नहीं होने पर परेशानी बढ़ सकती है। इस योजना में खाताधारक की शादी खाता खोलने के 21 साल पूरे होने से पहले हो जाती है तो खाते में रकम जमा नहीं कराई जा सकती। अगर खाता 21 साल पूरा होने से पहले बंद कराया जा रहा है तो खाताधारक को यह एफिडेविट देना पड़ेगा कि खाता बंद करने के समय उसकी उम्र 18 साल से कम नहीं है। किसी अनियमित सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट में जहां कम से कम रकम जमा नहीं हुई है, उसे 50 रुपये सालाना की पेनाल्टी देकर नियमित कराया जा सकता है।

आखिर क्यों यह निवेशकों के बीच लोकप्रिय
सुकन्या समृद्धि योजना में अभी 7.6 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है जो बैंक एफडी के मुकाबले काफी अधिक है।

इस स्कीम को बैंक या पोस्ट ऑफिस में कहीं भी खोला जा सकता है।

इसमें 250 रुपये में खाता खोला जा सकता है। यह खाता किसी बच्ची के जन्म लेने के बाद 10 साल की उम्र से पहले ही खोला जा सकता है।

लड़की के 21 साल का होने या लड़की की शादी होने के बाद पूरा पैसा ब्याज सहित ले सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना खाते से 18 साल की उम्र के बाद बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए खर्च के मामले में 50 फीसदी तक रकम निकाली जा सकती है।

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 1.5 लाख रुपये जमा पर कर छूट मिलती है।

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