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31 दिसंंबर के बाद गूगल पे, फोनपे, पेटीएम से नहीं कर पाएंगे UPI पेमेंट!

UPI Payments: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम पर आप यूपीआई जेनरेट कर निष्क्रिय हैं और यदि 31 दिसंबर 2023 तक सत्यापन पूरा नहीं होता है तो नए साल से संबंधित ग्राहक यूपीआई का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

31 दिसंंबर के बाद गूगल पे, फोनपे, पेटीएम से नहीं कर पाएंगे UPI पेमेंट!
Drigraj Madheshiaनई दिल्ली, एजेंसी।Fri, 15 Dec 2023 05:42 AM
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अगर आप गूगल पे, फोनपे, भारत पे, पेटीएम या अन्य किसी माध्यम से यूपीआई पेमेंट करते हैं तो केंद्र सरकार इसमें फ्रॉड रोकने के लिए एक कड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार यूपीआई पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर सकती है। इसके तहत पांच हजार रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए नई अलर्ट प्रणाली लाई सकती है। इसमें यदि उपभोक्ता या कारोबारी को इस राशि से ज्यादा पेमेंट यूपीआई से करता है तो उसे कॉल या एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजा जाएगा और इस लेनदेन को सत्यापित करने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद ही खाते से पैसा कटेगा।

बैंकों और कंपनियों के लिए निर्देश: राष्ट्रीय पेमेंट निगम ने भी हाल में सभी बैंकों और पेमेंट सुविधा मुहैया कराने वाली पेटीएम, फोन-पे और गूगल-पे जैसी एप कंपनियों से कहा था कि वे उन ग्राहकों का सत्यापन करें, जिनके यूपीआई खाते से लंबे वक्त तक कोई डिजिटल लेनदेन नहीं किया गया है और खाता निष्क्रिय है।

ऐसे ग्राहकों को फिर से केवाईसी करवाना होगा, जिसके तहत बैंक खाता नंबर और मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाएगा। यदि 31 दिसंबर 2023 तक सत्यापन पूरा नहीं होता है तो नए साल से संबंधित ग्राहक यूपीआई का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

बताया जा रहा है कि हाल ही में साबइर धोखाधड़ी के मामलों की रोकथाम के लिए वित्त मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इसमें वित्त, राजस्व, वित्त सेवाएं, आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग और आईटी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय पेमेंट निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कई उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। खासकर यूपीआई के माध्यम से की जाने वाली ठगी को लेकर सरकार को कई प्रस्ताव मिले हैं, जिसमें नई अलर्ट प्रणाली भी शामिल है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस पर अमल किया जा सकता है।

नए यूजर्स के लिए होगी सुविधा:बताया जा रहा है कि यह अलर्ट प्रणाली शुरू में नए यूजर्स या विक्रेता के लिए लागू की जाएगी। बाद में सभी के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी। बैंक, वित्तीय संस्थान और थर्ड पार्टी ऐेप्स इस त्वरित अलर्ट और सत्यापन प्रणाली को अपना सकते हैं। हालांकि, कई वित्त संस्थानों ने पहले से ही इस तरह की प्रणाली को लागू किया हुआ है लेकिन उसमें पेमेंट की सीमा अधिक होती है।

इस तरीके से होगा सत्यापन:इस प्रणाली के तहत जब कोई यूजर पहली बार किसी दूसरे शख्स या दुकानदार को यूपीआई से पांच रुपये से ज्यादा का पेमेंट करेगा तो सबसे पहले उसके पास सत्यापन कॉल आएगी या एसएमएस भेजा जाएगा। यूजर को इस पेमेंट के लिए मंजूरी देने होगी। इसके बाद अपना पिन नंबर डालना होगा। दो चरणों में सत्यापन होने के बाद पेमेंट पूरा होगा। यदि सत्यापन प्रक्रिया किसी भी स्तर पर पूरी नहीं होती है तो पेमेंट अटक जाएगा।

बंद किए जा चुके हैं लाखों नंबर:ऑनलाइन बैंकिंग ठगी को लेकर सरकार पहले ही सख्त रवैया अपना चुकी है। इसके तहत शुरुआती कदम के रूप में लाखों मोबाइल नंबरों को बंद किया गया है। संदिग्ध लेन-देन में संलिप्तता के कारण सरकार पहले ही 70 लाख मोबाइल नंबरों को सस्पेंड कर चुकी है। सरकार ने सिम कार्ड को लेकर नियमों को एक दिसंबर से सख्त भी बनाया है।

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