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29 अक्तूबर, 2020|4:43|IST

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दिवाली का तोहफा: मोदी सरकार करेगी मोरेटोरियम की अवधि के ब्याज पर ब्याज का भुगतान, समय से EMI चुकाने वालों को 'कैशबैक'

मोदी कैबिनेट ने करोड़ों लोगों को दिवाली का तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने लोन मोरेटोरियम की अवधि में ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार देर रात को सरकार ने 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिए ब्याज पर छूट देने की घोषणा की। इस स्कीम का आम आदमी तक लाभ पहुंचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी है। अब इसके तहत चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का भुगतान केंद्र सरकार करेगी। अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 2 नंवबर को इस पर सुनवाई होनी है। इसलिए सरकार पहले इसकी जानकारी उसे ही देगी।

कोर्ट ने सरकार से कहा था-आम आदमी की दिवाली आपके हाथ में है

बता दें इससे पहले न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "कुछ ठोस किया जाना चाहिए था, 2 करोड़ तक के कर्जदारों को छूट का लाभ जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।"  पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और बैंकों से कहा था कि आम आदमी की दिवाली आपके हाथ में है।

जानिए क्या है वित्त मंत्रालय की गाइडलाइंस..

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इन्हें मिलेगा फायदा

इस स्कीम का लाभ एमएसएमई लोन, एजुकेशन लोन, हाउसिंग लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, क्रेडिट कार्ड ड्यू, ऑटो लोन, प्रोफेशनल्स का पर्सनल लोन और कंजप्शन लोन लेने वालों को मिलेगा। 29 फरवरी 2020 तक जिन पर 2 करोड़ रुपए या इससे कम का लोन बकाया था, उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा। जिन लोगों ने 1 मार्च से 31 अगस्त 2020 के दौरान लोन मोरेटोरियम का लाभ लिया है, उनको इस अवधि की ब्याज पर ब्याज का भुगतान नहीं करना होगा। यदि किसी इंडिविजुअल पर दो करोड़ से ज्यादा का लोन है तो उनको इसका लाभ नहीं मिलेगा। जिन लोगों ने मोरेटोरियम नहीं लिया है, उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

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इनको नहीं मिलेगा लाभ

कॉरपोरेट को इसक लाभ नहीं मिलेगा। ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम का लाभ केवल इंडिविजुअल और एमएसएमई लोन को मिलेगा। ब्याज पर ब्याज के भुगतान का बोझ केंद्र सरकार उठाएगी। इससे सरकार पर करीब 6500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। योजना के तहत, कर्ज देने वाले संस्थानों को योजना की अवधि के लिए पात्र कर्जदारों के संबंधित खातों में संचयी ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर की राशि जमा करनी होगी। योजना में कहा गया है कि कर्जधारक ने रिजर्व बैंक के द्वारा 27 मार्च 2020 को घोषित किस्त भुगतान से छूट योजना का पूर्णत: या अंशत: लाभ का विकल्प चुना हो यह नहीं, उसे ब्याज राहत का पात्र माना जायेगा।

नियमित किस्तों का भुगतान करने वालों को भी फायदा

कर्ज राहत योजना का लाभ उन कर्जधारकों को भी मिलेगा जो नियमित किस्तों का भुगतान करते रहे। कर्ज देने वाले संस्थान दी गई छूट के तहत संबंधित राशि कर्जधारक के खाते में जमा करने के बाद केंद्र सरकार से उसके बराबर राशि पाने के लिए दावा करेंगे। मान लीजिए किसी ने 1 करोड़ रुपये का होम लोन लिया है। वह समय पर ईएमआई का भुगतान किया है। तो उसे लगभग 16,000 रुपये के पूर्व-भुगतान के पात्र होंगे। यह गणना 8% की ब्याज दर से है, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख रुपये का अर्धवार्षिक ब्याज और 16,269 रुपये का चक्रवृद्धि ब्याज होगा।  

उच्चतम न्यायालय ने 14 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए कहा था, वह इस बारे में चिंतित है कि कर्जदारों को ब्याज राहत का लाभ किस तरह से दिया जाये। उच्चतम न्यायालय ने तब कहा था कि केंद्र सरकार ने आम लोगों की बदहाल स्थिति का संज्ञान लेते हुए अच्छा निर्णय लिया है। हालांकि शीर्ष न्यायालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि अब तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं जारी किया गया है।

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  • Web Title:diwali gift to borrowers from modi cabinet waives interest on interest for loans up to Rs 2 cr