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31 मार्च, 2020|4:18|IST

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कर्ज माफी को ढर्रा बनाया जाना देश के वित्तीय साख के लिए नुकसानदायक: आरबीआई गर्वनर

                                                                                                                    photo credit  mint

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने  कहा कि कर्ज माफी को ढर्रा बनाया जाना देश के वित्तीय साख के लिए नुकसादायक है और इससे ऋण संस्कृति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कृषि कर्ज से संबंधित कर्ज को लक्षित किया जाना चाहिए। दास ने मिंट सालाना बैंक सम्मेलन में कहा, ''कर्ज माफी को ढर्रा बनाया जाना देश के वित्तीय साख के लिए नुकसादायक है।

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शक्तिकांत दास ने कहा कि कर्ज माफी को ढर्रा बनाए जाने से निश्चित रूप से ऋण संस्कृति प्रभावित होती है। इस प्रकार की कर्ज माफी से किसानों को अगली बार कर्ज मिलने में समस्या होती है। गवर्नर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य प्रकार के संकट के कारण किसानों को राहत लक्षित होना चाहिए। हाल के समय में कुछ राज्य सरकारों ने कृषि कर्ज माफी की घोषणा की है।

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उन्होंने कहा, ''हम राज्यों सरकारों से यह बार-बार कह रहे हैं कि कर्ज माफी वाली राशि तुरंत बैंकों को जारी की जानी चाहिए क्योंकि जबतक बैंकों को पैसा वापस नहीं मिलेगा, अगले फसल के लिये कर्ज देने की बैंक की क्षमता प्रभावित होगी। मौद्रिक नीति रूपरेखा की समीक्षा के बारे में बात करते हुए गवर्नर ने कहा कि जल्दी ही विभिन्न पक्षों के साथ इस बारे में चर्चा की जाएगी।

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उन्होंने कहा, ''हम मौद्रिक नीति रूपरेखा की आंतरिक तौर पर समीक्षा कर रहे हैं। जून अंत तक हम अर्थशास्त्रियों, नीति निर्माताओं और विभिन्न पक्षों, विश्लेषकों और क्षेत्र के शोधकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। दास ने कहा, ''चर्चा के आधार पर हम इस बात पर गौर करेंगे रूपरेखा ने कैसा काम किया और आगे कैसे बढ़ना है।

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  • Web Title:Debt waiver to be shaken up is damaging to the country financial credibility RBI Governor