बैंक जमा में अचानक आए उछाल की वजह कर्ज बढ़ना है, बचत नहीं: रिपोर्ट

एजेंसी, मुंबई
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मुख्य बातें

  • देश में लागू लॉकडाउन के चार चरणों के बाद यह देखने को मिला है कि पिछले कुछ माह के दौरान बैंकों की जमा में अचानक आ गया
  • इस उछाल की वजह केंद्र और राज्यों का कर्ज बढ़ना है, यह बचत में बढ़ोतरी की वजह से..
 बैंक जमा में अचानक आए उछाल की वजह कर्ज बढ़ना है, बचत नहीं: रिपोर्ट

देश में लागू लॉकडाउन के चार चरणों के बाद यह देखने को मिला है कि पिछले कुछ माह के दौरान बैंकों की जमा में अचानक आ गया। इस उछाल की वजह केंद्र और राज्यों का कर्ज बढ़ना है, यह बचत में बढ़ोतरी की वजह से नहीं है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। 

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए जमाकर्ता उन बैंकों का चयन कर रहे हैं, जहां उनका पैसा सुरक्षित रह सकता है। जनवरी-मई, 2020 के दौरान बैंकिंग प्रणाली में जमा राशि 7.05 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। पिछले साल की समान अवधि में जमा 4.65 लाख करोड़ रुपये बढ़ी थी। हालांकि, इस अवधि में बैंकों का ऋण सिर्फ 2.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ा, जबकि जनवरी-मई, 2019 के दौरान यह 2.84 लाख करोड़ रुपये बढ़ा था।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की जमा में अचानक हुई बढ़ोतरी की वजह केंद्र और राज्य सरकारों के कुल कर्ज में हुई वृद्धि है। इसके पीछे वजह बचत में बढ़ोतरी नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि सभी बैंकों ने जमा पर ब्याज घटाया है लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में यह कटौती अधिक है। इससे शीर्ष बैंकों और अन्य के बीच अंतर काफी बढ़ गया है। 

Drigraj Madheshia

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Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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