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19 अप्रैल, 2021|10:48|IST

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बैंक KYC के नाम पर खाता खाली कर रहे हैं साइबर ठग, वैज्ञानिक से लेकर डॉक्टर तक निशाने पर

iran thwarted second cyber attack within a week

अगर आपके पास केवाईसी सत्यापन के लिए कोई कॉल आती है तो सावधान हो जाएं। साइबर फ्राड के जरिए ठग आपका खाता खाली कर सकते हैं। दक्षिणी दिल्ली जिला पुलिस की सायबर सेल ने महिला चिकित्सक से ठगी के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों मोहम्मद आजाद और राहुल कुमार शा ने महरौली की टीबी अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक से बैंक कर्मचारी बनकर केवाइसी अपडेट करने के नाम पर कागजात लिए और उनके अकाउंट से सात लाख रुपये की रकम ठग ली। वहीं कुछ दिन पहले कोलकाता के एक वैज्ञानिक से लाखों की ठगी हुई थी।  ऑनलाइन ठगी करने वालों ने साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान की एक वरिष्ठ वैज्ञानिक को 2.07 लाख रुपये का चूना लगाया है। ठग ने फोन पर खुद को बैंक अधिकारी बताकर वैज्ञानिक के साथ धोखाधड़ी की। 

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इसको लेकर एसबीआई ने भी अपने ट्वीटर हैंडल से लोगों को अगाह किया है। एसबी ने कहा है कि KYC सत्यापन का अनुरोध करने वाले कपटपूर्ण कॉल या संदेशों से खुद को सुरक्षित रखें। जालसाज आपके व्यक्तिगत विवरण हासिल करने के लिए बैंक/ कंपनी प्रतिनिधि होने का नाटक करते हुए एक फोन कॉल करता है या टेक्स्ट संदेश भेजता है। ऐसे मामलों की cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें:

केवाईसी के नाम पर डॉक्टर से सात लाख की ठगी

पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि महरौली के टीबी अस्पताल में डाक्टर के रूप में कार्यरत डा. पूजा सरीन ने दिसंबर माह में साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उन्हे एक अज्ञात नंबर से फोन आया और उसने उनके बैंक खाते की केवाईसी के लिए कागजात मांगे। कागजात मांगे जाने के बाद आरोपियों ने उन्हे एक ओटीपी मिलने की बात कही इसके बाद उनके खाते से सात लाख रुपये निकल गए। पीड़िता के खाते से रुपये निकाल कर आइसीआइसीआइ बैंक, एक्सिस बैंक और पेटीएम अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं।

फोन नंबर गुजरात में चालू मिला

खातों की जांच के जरिए पुलिस को एक फोन नंबर गुजरात में चालू मिला। जहां दबिश के दौरान पुलिस ने आजाद नाम के युवक को गिरफ्तार किया। आजाद ने बताया कि वह और एक अन्य व्यक्ति राहुल दोनों मिलकर नादिया पश्चिम बंगाल के रहने वाले वर्था के लिए काम करते थे। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों की निशानदेही पर तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।

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बता दें पिछले दिनों कोलकाता शहर के उत्तरी हिस्से केष्टोपुर इलाके में रहने वाली वैज्ञानिक शंपा बिस्वास से ठगी हुई है। बिधाननगर के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार को बिस्वास को एक कॉल आया जिसमें उनसे केवाईसी विवरण अपडेट करने के लिए मोबाइल फोन पर एक एप डाउनलोड करने को कहा गया। टीम व्यूअर एप डाउनलोड किए जाने के बाद कॉल करने वाले की पहुंच बिस्वास के मोबाइल तक हो गई। उसने उनसे 10 रुपये भुगतान करने को कहा।

10 रुपये किया भुगतान और खाते से 1.35 लाख रुपये कट गए

पुलिस अधिकारी ने कहा-वैज्ञानिक ने नेट बैंकिंग के जरिये रकम का भुगतान कर दिया, लेकिन उनसे मोबाइल बैंकिंग के जरिये रकम भुगतान करने को कहा गया। उन्होंने ऐसा किया तो कुछ देर में उनके खाते से 1.35 लाख रुपये कट गए। इसके बाद कॉलर ने डेबिट कार्ड के जरिये 10 रुपये भुगतान करने को कहा। इस बार फिर खाते से 72,000 रुपये कट गए। बिस्वास ने कहा कि उनके खाते से रकम निकाली जा रही है तो कॉल करने वाले ने कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा हो रहा है और जल्द ही रकम उनके खाते में भेज दी जाएगी।

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  • Web Title:Cyber thugs are evacuating accounts in the name of bank KYC from scientist to doctor sbi alert