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सीमा शुल्क बोर्ड ने GST अधिकारियों को जारी किए निर्देश, निर्यातकों के रिफंड दावों का सत्यापन करेगा केंद्र 

निर्यातकों द्वारा एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) रिफंड के गलत दावों के मामले सामने आने के बाद सरकार ने अधिकारियों से सतर्कता बरतने को कहा है। अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने सीमा शुल्क और जीएसटी अधिकारियों से कहा है कि वे किसी भी रिफंड दावे को मंजूरी से पहले उसका नजदीकी से सत्यापन करें। 

सीबीआईसी ने महानिदेशक (प्रणाली) को जोखिम वाले निर्यातकों की सूची बनाने और उसे सीमा शुल्क और जीएसटी अधिकारियों से साझा करने को कहा है। इससे ऐसे निर्यातकों की निर्यात खेप की 100 प्रतिशत जांच के लिए अलर्ट जारी किया जा सकेगा। अभी आईजीएसटी रिफंड निर्यातकों को स्वत: तरीके से जारी होते हैं। ये रिफंड उनके द्वारा सीमा शुल्क विभाग के पास जमा कराए गए माल भेजने के बिल और केंद्रीय कर प्राधिकरण के पास जमा कराए जाने वाले माल एवं सेवा कर रिटर्न के आधार पर जारी किए जाते हैं। रिटर्न दाखिल करने के एक पखवाड़े में रिफंड जारी कर दिया जाता है।.

दिन में अधिकारियों को बताना होगा कि रिफंड का जो दावा किया गया है सही है या गलत

यह भी देखने में आया है कि कई मामलों में माल भेजने के बिल में फ्रेट आन बोर्ड (एफओबी) मूल्य और जीएसटी रिटर्न में घोषित कर योग्य मूल्य में भारी अंतर पाया गया है। इससे ऊंचे आईजीएसटी का भुगतान किया जा सकता है। हाल के दिनों में फर्जीवाड़ा का मामला तेजी से बढ़े हैं। 

रिफंड मिलने में हो सकती है देरी
कर विशेषज्ञों का कहना है कि रिफंड के दावों के सत्यापन के कदम से निर्यातकों को रिफंड जारी करने में विलंब हो सकता है। सीबीआईसी ने फील्ड कार्यालयो को भेजे पत्र में कहा है कि कई बोगस दस्तावेजों के जरिए आईटीसी हासिल किया गया है और उस क्रेडिट का इस्तेमाल देश के बाहर भेजे गए माल के आईजीएसटी के भुगतान के लिए किया है। कुछ निर्यातकों ने धोखाधड़ी वाले क्रेडिट से रिफंड प्राप्त किया है। 

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  • Web Title:Custom board give direction to GST team for exporters refund