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आर्थिक मंदी की आशंका से कच्चा तेल गिरा

Crude oil price low in seven months (REUTERS Pic)

बड़े देशों के बीच व्यापारिक तनाव और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ने के कारण कच्चे तेल में सोमवार को एक फीसदी की गिरावट आई। यह 61.33 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। विश्लेषकों ने कहा कि चीन का औद्योगिक उत्पादन 17 साल के सबसे कम स्तर पर पहुंच गया है। भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाए जाने से भी बाजार पर असर पड़ा है। इससे अंतराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और अन्य तेल विश्लेषकों ने मांग में काफी कमी की संभावना जताई है। ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले भी दामों को रोकने में नाकाम रहे हैं। तेल के गिरते दामों के बीच ओपेक देशों की बैठक जुलाई में हो सकती है, जिसमें उत्पादन में कटौती बढ़ाने या कायम रखने का फैसला हो सकता है। ओपेक और रूस ने जनवरी से तेल आपूर्ति में रोजाना 12 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती की है।

कमजोर वैश्विक संकेतों से कच्चातेल वायदा कीमतों में गिरावट
वहीं दूसरी ओर, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सटोरियों ने मुनाफावसूली के लिए अपने सौदों की कटान की जिससे शुक्रवार को वायदा कारोबार में कच्चातेल की कीमत 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,654 रुपये प्रति बैरल रह गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चा तेल के जून डिलिवरी अनुबंध की कीमत 21 रुपये यानी 0.57 प्रतिशत की हानि दर्शाते 3,654 रुपये प्रति बैरल रह गई। इसमें 19,578 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक बाजार में कीमतों के नरम पड़ने के बाद कारोबारी धारणा कमजोर होने तथा सटोरियों की मुनाफावसूली के कारण मुख्यत: यहां वायदा कारोबार में कच्चातेल कीमतों में आगे और गिरावट आई। इस बीच, अमेरिकी बाजार न्यूयॉर्क मर्केन्टाइल एक्सचेंज में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चातेल की कीमत 0.29 प्रतिशत घटकर 52.36 डॉलर प्रति बैरल रह गई जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड की दर 0.23 प्रतिशत घटकर 61.87 डॉलर प्रति बैरल रह गयी।

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  • Web Title:Crude Oil Price Down After Economic Recession Risk