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झटका:  जेट बंद होने से छोटे शहरों की उड़ान पर भी संकट

Jet Airways

वित्तीय संकट के चलते बंद हो चुकी जेट एयरवेज ने न सिर्फ इस एयरलाइन के कर्मचारियों के सपनों को तोड़ दिया है, बल्कि उन तमाम छोटे शहरों के लोगों के सपनों को भी झटका दिया है, जहां उड़ान योजना शुरू होने के बाद हवाई यात्राएं आरंभ हुई थीं। खास बात ये है कि जेट एयरवेज बंद होने से सबसे अधिक प्रभावित उत्तर भारत के शहर हुए हैं, क्योंकि उड़ान योजना के तहत जेट के सारे हवाई रूट उत्तर भारतीय शहरों के थे। 

उड़ान योजना के दूसरे चरण में जेट एयरवेज ने 10 रूट हासिल किए थे। इसमें इसमें दिल्ली से नासिक और नासिक से दिल्ली, इलाहाबाद से लखनऊ और लखनऊ से इलाहाबाद, इलाहाबाद से पटना और पटना से इलाहाबाद, इलाहाबाद से इंदौर और इंदौर से इलाहाबाद, इलाहाबाद से नागपुर और नागपुर से इलाहाबाद रुट शामिल थे। इन सभी रूट्स पर पिछले साल जून महीने से उड़ानें शुरू हो चुकी थीं। ये सभी शहर आपस में पहली बार विमान सेवा से जुड़े थे। दिल्ली-नासिक, इलाहाबाद-इंदौर और इलाहाबाद-नागपुर रूट की उड़ानों को अच्छे खासे यात्री भी मिल रहे थे। जेट एयरवेज की उड़ान थम जाने के बाद इन शहरों के बीच हवाई सेवा फिर से कट गई है। सबसे अधिक नुकसान इलाहाबाद शहर को हुआ है, जहां उड़ान के तहत शुरू हुई उड़ानों में से एक को छोड़े सभी उड़ानें रद्द हो गई हैं। 

वर्तमान हालात पर टिप्पणी करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि हम गनीमत मना रहे हैं कि जेट एयरवेज को मात्र 10 रूट की आवंटित हुए थे। कहीं ये संख्या स्पाइस जेट या इंडिगो के बराबर होती तो परेशानी कहीं ज्यादा बढ़ जाती। हालांकि, अधिकारी ने ये कहा कि इन रूट्स को लेने के लिए इंडिगो और स्पाइस जेट ने रूचि दिखाई है। जल्द ही इन शहरों के बीच फिर से विमान सेवा आरंभ हो जाएगी।  
 

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  • Web Title:Crisis over small cities flying due to jet shutdown