कम ब्याज पर मिल रहा 25,000 से 5 लाख तक का कोविड-19 पर्सनल लोन, वेतनभोगी वर्ग के लिए एक बेहतर विकल्प
मुख्य बातें
- कोरोना और लॉकडाउन से लोगों की आमदनी पर असर पड़ा है
- इसी को देखते हुए कई बैंकों ने अपने मौजूदा ग्राहकों के लिए कोविड-19 स्पेशल पर्सनल लोन लॉन्च किए हैं
- बैंक कम ब्याज पर 25,000 रुपये और 5 लाख तक का लोन..

कोरोना और लॉकडाउन से लोगों की आमदनी पर असर पड़ा है। इसी को देखते हुए कई बैंकों ने अपने मौजूदा ग्राहकों के लिए कोविड-19 स्पेशल पर्सनल लोन लॉन्च किए हैं। बैंक कम ब्याज पर 25,000 रुपये और 5 लाख तक का लोन बैंक उपलब्ध करा रहे हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकों की यह योजना वेतनभोगी वर्ग के लिए एक बेहतर विकल्प है। यह जरूर ख्याल रखें कि अगर लोन की जरूरत नहीं हो तो इसे नहीं लें। सिर्फ कम ब्याज के चक्कर में लोन लेना सही फैसला नहीं होता है।
- 7 से 10% की दर से बैंक दे रहे हैं कोविड-19 स्पेशल पर्सनल लोन
- 12 से 20% तक वसूलते थे बैंक पर्सनल लोन कोरोना संकट से पहले
- 3 वर्ष की अधिकतम अवधि के लिए लोन दे रहे हैं अधिकांश बैंक
टॉप-अप लोन भी एक अच्छा विकल्प
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण नकदी का संकट बढ़ा है। ऐसे में जिन लोगों ने पहले से होम लोन लिया है उनके लिए उसपर टॉप-अप लोन भी एक अच्छा विकल्प है। वह बैंक में आवेदन कर आसानी से टॉप-अप लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसपर ब्याज भी कम भुगतान करना होता है और बैंक आसानी से यह लोन दे भी देते हैं।
लोन भुगतान का बेहतर रिकॉर्ड जरूरी
बैंक उन्हें ही कोविड-19 स्पेशल पर्सनल लोन दे रहे हैं जिनका पहले से लोन चुकाने का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। बैंकों के अनुसार, मौजूदा उधारकर्ता, वेतनभोगी वर्ग वाले ग्राहक या पेंशन खाताधारक को वह सस्ते ब्याज पर लोन मुहैया करा रहे हैं। इसके अलावा, लोन आवेदकों के पास लॉकडाउन से पहले की लोन भुगतान का एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड होना आवश्यक है। आम लोगों को यह लोन लेने की सुविधा बैंक नहीं दे रहे हैं।
ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस
सभी बैंक पर्सनल लोन पर 10% से 24 फीसदी तक ब्याज वसूलते हैं। प्रोसेसिंग फीस भी होती है। कोविड-19 स्पेशल पर्सनल लोन में बैंक सात फीसदी से लेकर 10% तक ब्याज ले रहे हैं। प्रोसेसिंग फीस नहीं ले रहे हैं। वित्तीय विशेषज्ञों ने कहा कि जिन नौकरीपेशा वर्ग को नकदी संकट का सामना करना पड़ रहा है उनके लिए बेहतर विकल्प है।
इन पांच गलतियों से बचें
- समय पर लोन की ईएमआई भुगतान को सुनिश्चित करें
- उतना ही उधार लें, जितना आप चुका सकें
- लोन लेने से पहले बैंक के नियम एवं शर्तों को पढ़ें
- लोन अवधि का चयन समझदारी से करें
- एक से अधिक लोन लेने से बचें
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


