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29 मई, 2020|5:31|IST

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Corona Virus: इन सेक्टर्स में जा सकती हैं नौकरियां, भारत समेत 15 देशों को अरबों की चपत

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दुनियाभर में तेजी के साथ फैल रहे घातक कोरोना वायरस ने वैश्विक अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इससे भारत समेत दुनिया के शीर्ष 15 देशों को अरबों की चपत लगी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोनो वायरस के कारण भारत के व्यापार पर लगभग 348 मिलियन डॉलर का असर पड़ सकता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना के चलते दुनियाभर में सबसे अधिक नुकसान चीन को उठाना होगा। चीन की वैश्विक निर्यात पर 50 बिलियन डॉलर की कमी आ सकती है। कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टरों में मशीनरी, मोटर वाहन और संचार उपकरण शामिल हैं। दुनिया की जिन अर्थव्यवस्थाओं को सबसे ज्यादा प्रभवित किया है उनमें यूरोपीय संघ (15.6 बिलियन डॉलर), संयुक्त राज्य अमेरिका (5.8 अरब डॉलर), जापान (5.2 बिलियन डॉलर), दक्षिण कोरिया (3.8 बिलियन डॉलर), चीन का ताइवान प्रांत (2.6 अरब डॉलर) और वियतनाम (2.3 अरब डॉलर) हैं। ओईसीडी ने भी कोरोना के चलते वैश्विक जीडीपी में 50 बेसिस प्वाइंट (2019 में 2.9 प्रतिशत से 2.4 प्रतिशत) का अनुमान लगाया है। 

एशियन डेवलपमेंट बैंक ने कहा है कि कोरोना का विकासशील एशियाई अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर होगा। सीआईआई के अनुसार, चीन भारत के शीर्ष 20 सामानों का 43% आयात करता है। इसमें मोबाइल हैंडसेट 7.2 अरब डॉलर, कम्प्यूटर और पार्ट्स 3 अरब डॉलर और उर्वरक का आयात 1.5 अरब डॉलर का होता है। कोरोना के चलते चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने से भारत पर इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। 

इन सेक्टरों में नौकरियां जाने का सबसे ज्यादा खतरा 

कोरोना के चलते आने वाले जिने सेक्टरों में सबसे अधिक मार पड़ने वाली है उनमें विमानन क्षेत्र से लेकर पर्यटन उद्योग से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। इनमें बड़े पैमाने पर नौकरियां जा सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार आने वाले दिनों में कोरोना वायरस के चलते दुनिया भर में 2.5 करोड़ लोगों की नौकरियां छिनने का खतरा है। 

1. असंगठित क्षेत्र 

10 से 15 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं भारत में कोरोना के चलते श्रमिक, निर्माण, बुनकर, घरेलू कामगार पर बड़ी मार 90 फीसदी असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की नौकरियां खत्म होने का खतरा

2. विमानन क्षेत्र 

-3.5 लाख कर्मचारी काम करते हैं भारत के विमानन क्षेत्र में 
-200 करीब विमान उड़ान नहीं भर रहे हैं मौजूदा समय में 
-बड़े स्तर पर छंटनी या वेतन में कटौती की संभावना 

3. रिटेल सेक्टर 

-4.5 करोड़ से ज्यादा लोग रिटेल सेक्टर में काम करते हैं अभी भारत में
-कोरोना के चलते मॉल से लेकर सभी हाइपर मार्केट बंद किए गए 
-25 फीसदी यानी एक करोड़ से अधिक लोगों पर सीधे संकट 

4. डाइविंग 

-50 लाख ड्राइवर ओला-उबर में काम करते हैं।
-20 लाख ड्राइवर निजी सेवा मुहैया कराते हैं
-50 फीसदी तक जॉब घटने का अंदेशा आवाजाही में गिरावट आने से 

5. अस्थायी कर्मचारी 

-1.37 करोड़ कर्मचारी विभिन्न कंपनियों में ठेके पर काम करते हैं 
-कोरोना के चलते ऑटो से लेकर कंज्यूमर गुड्स की मांग घटी 
-अगली दो तिमाही सबसे ज्यादा भारी इन पर रहने वाली 

6. पर्यटन और होटल उद्योग 

-5.5 करोड़ से अधिक कर्मचारी और पर्यटन उद्योग से देश में जुड़े 
-होटल और पर्यटन के कारोबार में तकरीबन 70 से 80 फीसदी कमी आई है
-1.20 लाख नौकरियों पर सीधे तौर पर तलवार चलने की आशंका 

7. इंफ्रा और रियल एस्टेट 

-20 फीसदी नौकरियां पहले ही आर्थिक संकट के चलते खत्म हुई 
-कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद लंबी हुई 
-35 फीसदी और नौकरियों पर कैंची चलने की संभावना

आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां ठप्प

कोरोना वायरस की महामारी के चलते विश्व के ज्यादातर देशों में ने अपने बार्डर सील कर दिए हैं। सरकार ने घरेलू स्तर पर उपाय स्वरुप स्कूल, कॉलेज, मॉल, पब, सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंस जैसी सार्वजिनिक जगहों का बंद रखने का निर्देश दिया है। साथ ही लोगों ने खुद ही ऐतियातन ऑफिस और भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बच रहे हैं। इसके चलते आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से रुक गई हैं।

2008 में करीब 2.2 करोड़ की छिनी थी नौकरी

साल 2008 के संकट के दौरान ग्लोबल स्तर पर बेरोजगारी बढ़कर 220 लाख के करीब हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक बेरोजगारी बढ़ने की वजह कोरोना वायरस की वजह से काम के घंटों और आदमनी में कटौती है। इससे चलते बड़े पैमाने पर बेरोजगारी दर बढ़ने की आशंका जाहिर की गई है।

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  • Web Title:Corona Virus will impact on worldwide economy including india many jobs can be lost