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चीन के विनिर्माण क्षेत्र पर कोरोना की मार, भारत ने पकड़ी रफ्तार

न्यू़ज एजेंसी,नई दिल्ली Published By: Tarun Singh
Mon, 02 Aug 2021 05:30 PM
चीन के विनिर्माण क्षेत्र पर कोरोना की मार, भारत ने पकड़ी रफ्तार

भारत जहां कोरोना की दूसरी लहर से धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है। वहीं, चीन की रफ्तार पर धीमी हो गई है। देश में जैसे-जैसे कोरोना के नए मामलों में गिरावट आ रही है वैसे इंडस्ट्रीज प्रोडक्शन में तेजी देखी जा रही है। इससे अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के साथ नई नौकरियों के अवसर भी बन रहे हैं। वहीं, भारत के पड़ोसी देश चीन के लिए पीएमआई के ताजा आंकड़े परेशान करने वाले हैं। 

पटरी पर लौटती भारतीय अर्थव्यवस्था, 15 महीने बाद नई नौकरियों को लेकर बन रही हैं ये संभावनाएं 

निर्यात कमजोर पड़ने के बीच चीन के विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट
 
निर्यात मांग कमजोर पड़ने और कारखानों में कच्चे माल की कमी के चलते चीन के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 15 महीनों के न्यूनतम स्तर पर पहंच गई। कारोबारी पत्रिका चाइसिन द्वारा जारी मासिक क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जून के 51.3 अंक से घटकर जुलाई में 50.3 अंक हो गया। यदि यह सूचकांक 50 से अधिक है, तो इसका अर्थ है कि गतिविधियों में विस्तार हो रहा है। एक अन्य उद्योग समूह और चीन की सांख्यिकी एजेंसी द्वारा जारी एक अन्य पीएमआई 50.9 अंक से घटकर 50.4 अंक रह गया।

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भारत में विनिर्माण क्षेत्र ने जुलाई में पकड़ा जोर, तीन महीनों की सबसे तेज वृद्धि

मांग में सुधार और कोविड-19 के स्थानीय प्रतिबंधों में ढील के बीच भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में जुलाई 2021 में पिछले तीन महीनों की सबसे तेज वृद्धि देखी गई। एक मासिक सर्वेक्षण ने सोमवार को यह बात कही गई। मौसमी रूप से समायोजित आईएचएस मार्किट भारत विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जून के 48.1 अंक से बढ़कर जुलाई में 55.3 अंक हो गया, जो तीन महीनों में सबसे मजबूत वृद्धि दर है।
     
पीएमआई के तहत 50 से अधिक अंक का अर्थ है कि गतिविधियों में विस्तार हो रहा है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को दर्शाता है। आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्र की संयुक्त निदेशक पोलीन्ना डी लीमा ने कहा, ''भारतीय विनिर्माण उद्योग को जून में हुई गिरावट से उबरते हुए देखना उत्साहजनक है। उत्पादन तेज गति से बढ़ा और एक तिहाई से अधिक कंपनियों ने मासिक उत्पादन में बढ़ोतरी की बात कही।" लीमा ने आगे कहा कि कैलेंडर वर्ष 2021 के दौरान औद्योगिक उत्पादन में 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जुलाई में रोजगार के मोर्चे पर भी हालात में थोड़ा सुधार हुआ, हालांकि इस बारे में कुछ भी ठोस कहना अभी जल्दबाजी होगी।

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