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कंज्यूमर गुड्स, वाहन और कपड़ा उद्योग पर फिर से कोरोना की मार

हिन्दुस्तान ब्यूरो,नई दिल्ली Published By: Sheetal Tanwar
Wed, 07 Apr 2021 09:07 AM
कंज्यूमर गुड्स, वाहन और कपड़ा उद्योग पर फिर से कोरोना की मार

 

कोरोना की दूसरी लहर से सबसे अधिक असर कंज्यूमर गुड्स, वाहन और कपड़ा उद्योग पर पड़ने की आशंका है। दरअसल, कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में आंशिक लॉकडाउन लगाया गया है। आगे इसका दायरा बढ़ने की संभावना है। लॉकडाउन की स्थिति ने इन आइटमों की बिक्री में गिरावट की आशंका पैदा कर दी है।

रिेटलेर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ( आरएआई) ने कहा है कि लॉकडाउन की वजह से महाराष्ट्र में रिटेल बिजनेस को लगभग 50 अरब डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि महाराष्ट्र की देश के रिटेल बिजनेस में लगभग दस फीसदी हिस्सेदारी है। देश का रिटेल कारोबार 850 अरब डॉलर है और इसमें से 85 अरब डॉलर की हिस्सेदारी सिर्फ महाराष्ट्र की है। महाराष्ट्र में लॉकडाउन के शुरुआती गाइडलाइंस के मुताबिक गाड़ियों की डीलरशिप बंद रहेगी. इससे जाहिर है गाड़ियों की बिक्री पर असर पड़ना तय है। लॉकडाउन की वजह सेे राज्य के 15 हजार रिटेलर्स को आर्थिक नुकसान नहीं होगा। महाराष्ट्र के रिटेल सेक्टर में कम से कम 50 लाख लोग काम करते हैं। इससे कपड़ा उद्योग को बड़ा नुकसान होगा। महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा जैसे पर्व के मौके पर लॉकडाउन की वजह से कंपनियों की बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।

होटल, मल्टीप्लेक्स औैर पर्यटन में संकट गहराएगा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर से पहले से भारी वित्तीय संकट का सामना कर रही होटल, मल्टीप्लेक्स और पर्यटन उद्योग का हाल और बुरा होगा। हाल के दिनों में मल्टीप्लेक्स, रिटेल चेन और होटल शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले समय में कई और राज्यो में लॉकडाउन हो सकती है। ऐसे में होटल, मल्टीप्लेक्स और पर्यटन क्षेत्र की कंपनियां जो इस साल बेहतर कारोबार की उम्मीद लगा रखी थी को बड़ा झटका लगा है। इस साल बढ़ते मामले को देखते हुए इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति औैर नाजुक हो सकती है।

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