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24 फरवरी, 2020|7:03|IST

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बिकने के बाद Air India की दिल्ली-मुंबई की सपंत्तियों,कर्मचारियों और ब्रांड के बारे में जानें क्या कहा हरदीप सिंह पुरी ने

hardeep puri

भारत सरकार द्वारा एयर इंडिया (AI)  में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगाने के सरकार के फैसले पर नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस एक अच्छी परिसंपत्ति है। पीटीआई के मुताबिक हरदीप सिंह पुरी ने यह भी कहा कि बोली लगाने में सफल रहने वाले Air India ब्रांड का उपयोग का उपयोग जारी रख सकेंगे। वहीं एयरलाइन प्रमुख अश्वनी लोहानी ने कहा है कि एयर इंडिया के पास अतिरिक्त स्टाफ नहीं है, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा लाभ का मुद्दा सुलझाया जा रहा है।

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बता दें भारत सरकार ने एयर इंडिया (AI)  में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगाई है। बोलियां लगाने की आखिरी तारीख 17 मार्च 2020 है। सरकार ने सब्सिडियरी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरपोर्ट सर्विस कंपनी AISATS को भी बेचने के लिए बोलियां आमंत्रित की है।  सरकार  Air India Express से भी अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच रही है। एयरलाइन के प्रबंधन पर नियंत्रण सफल बोली लगाने वाले को हस्तांतरित किया जाएगा। 

खरीदार को 32,447 करोड़ रुपये की ऋण और देनदारियां स्थानांतरित होंगी

पुरी ने बताया कि एयर इंडिया के लिए चुने गए खरीदार को 32,447 करोड़ रुपये की ऋण और देनदारियां स्थानांतरित की जाएंगी जबकि 56,334 करोड़ रुपये की ऋण, देनदारियां और कॉपोर्रेट गांरटी विशेष उद्देश्य से बनायी गयी कंपनी 'एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड' (एआईएएचएल) को स्थानांतरित की जाएंगी। विनिवेश प्रक्रिया पूरी होने तक यदि एयर इंडिया पर ऋण या देनदारी बढ़ती है तो अतिरिक्त बोझ एआईएएचएल को वहन करना होगा। 

दिल्ली और मुंबई में एयर इंडिया की संपत्ति के बारे में ये कहा

दिल्ली और मुंबई में एयर इंडिया की जमीन और इमारतें एआईएएचएल को स्थानांतरित की जाएंगी जिसे बेचकर वह एयरलाइन के लिए गए ऋण तथा देनदारियों की पूर्ति करेगी। यदि परिसंपत्ति बेचने के बाद भी पूरी भरपाई नहीं हो सकेगी तो अंतर के बराबर राशि सरकार द्वारा दी जाएगी ।

कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखने का आश्वासन

नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। स्थायी कर्मचारियों को तीन प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी । एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 17 हजार कर्मचारी हैं जिनमें नौ हजार से अधिक स्थायी हैं। कर्मचारियों के मद में एयरलाइन की देनदारी 1,300 करोड़ रुपये से कुछ अधिक है। मुख्य देनदारी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को देय राशि की है। यह राशि सरकार द्वारा दी जाएगी ।  एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने बताया कि एयरलाइन के पास जरूरत से ज्यादा कर्मचारी नहीं हैं। इसलिए छँटनी की आशंका नहीं है। स्थायी कर्मचारियों में 36 प्रतिशत अगले पांच साल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधा के बारे में कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी । 

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एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सैट्स एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड का संयुक्त राजस्व पिछले वित्त वर्ष में 30.63 करोड़ रुपये रहा था। यात्रियों की संख्या के मामले में देश में अंतरराष्ट्रीय रुटों पर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की हिस्सेदारी 18.4 प्रतिशत और घरेलू रूटों पर 12.7 प्रतिशत है। उनके नेटवर्क में 45 अंतरराष्ट्रीय और 57 घरेलू गंतव्य शामिल हैं। उसके बेड़े में एक नवंबर 2019 को 146 विमान थे जिनकी औसत उम्र आठ साल है।  पुरी ने कहा कि उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि एयर इंडिया का विनिवेश इस बार सफल रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार संभावित निवेशकों के प्रश्नों और सुझावों पर खुले मन से विचार करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो वह बोली की शर्तों में बदलाव के लिए भी तैयार है। 

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पुरी ने कहा कि एयर इंडिया की हिस्सेदारी बेचने के संबंध में 2018 में जो दिक्कतें आई थीं, उनसे सबक लिया गया गया है। बता दें 2018 में सरकार ने इंडियन एयर लाइंस के 76 प्रतिशत शेयर बेचने और निजी हाथों में इसका प्रबंधन नियंत्रण स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इसके लिए कोई बोली लगाने वाला नहीं मिला।

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  • Web Title:Civil aviation minister Hardeep Singh Puri said Air India along with Air India Express is a great asset after preliminary bid document for disinvestment of ai