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बिजली संकट से ड्रैगन पस्त, चीन की 'आपदा' कैसे है भारत के लिए अवसर, ऐसे समझें

सौरभ शुक्ल,नई दिल्ली Tarun Singh
Sat, 16 Oct 2021 11:10 AM
बिजली संकट से ड्रैगन पस्त, चीन की 'आपदा' कैसे है भारत के लिए अवसर, ऐसे समझें

चीन के बिजली संकट से न सिर्फ वहां की औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, बल्कि उत्पादन घटने से वैश्विक सप्लाई चेन पर भी इसका असर देखने को मिलने लगा है। रिसर्च क्षेत्र से जुड़ी इंडिया रेटिंग्स को लगता है की चीन के इस संकट में भारत की स्टील और केमिकल कारोबार से जुड़ी कंपनियों को फायदा हो सकता है।

इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक ये फायदा घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी देखने को मिलेगा। रिसर्च के मुताबिक वैश्विक बाजारों में कोयले की बढ़ती कीमतों और ऊंचे लॉजिस्टिक्स दामों से कच्चे माल के कीमतें दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में चीन में उत्पादन घटना और साथ ही डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए के चलते भारत के निर्यात को फायदा होगा, क्योंकि चीन के बाद मुफीद दाम पर ये सप्लाई भारत दुनियाभर को कर सकेगा।

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साथ ही रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि चीन में महंगे होते कच्चे माल के चलते भारतीय एक्सपोर्टर्स घरेलू बाजार से चीजें खरीदना शुरू कर देंगे जिससे न सिर्फ मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा बल्कि मिशन आत्मनिर्भर भारत को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा। ये भी आंकलन जताया गया है कि आने वाले दिनों में महंगे कच्चेमाल की वजह से घरेलू बाजार में डाई, पिगमेंट, फार्मास्युटिकल्स, एग्रोकेमिकल्स जैसे उत्पादों के बढ़ी कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डाल दिया जाएगा जिससे कंपनियों को होने वाला घाटा कम हो जाएगा। इसके अलावा जिस तरह से आने वाले सालों में चीन ने स्टील का उत्पादन घटाने का फैसला लिया है उसका फायदा भारत के उत्पादकों के साथ साथ निर्यातकों को भी देखने को भी मिलेगा।

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भारत में हालात बेहतर

दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्य सचिव ओमेश सहगल के मुताबिक भारत में कोयले की वजह से बिजली संकट अब सुधरता दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक यहां सप्लाई की दिक्कतों की वजह से भले ही कोयले का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में नहीं रखा गया हो लेकिन अब ये हालात सामान्य होने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही कुछ चुनिंदा इलाकों को छोड़कर बाकी देश में किसी बड़ी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा है। उनके मुताबिक चीन उत्पादन का बड़ा हब है। ऐसे में वहां की बिजली की जरूरतें भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। वहां कोरोना के बाद आया कोयले का संकट लंबा खिंच सकता है। महामारी के बाद हर देश की तरह चीन भी मजदूरों की कमी के साथ साथ सप्लाई चेन की दिक्कतों से जूझ रहा होगा। ऐसे में हालात सामान्य होने में समय लग सकता है।

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