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27 मई, 2020|7:57|IST

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छोटे करदाताओं को कोर्ट में नहीं घसीटेगी सरकार, 10 हजार रुपए से ज्यादा के टैक्स चोरी के मामले पर होगी कार्यवाही

देश में आयकर से जुड़े छोटे छोटे मामलों में अदालती कार्यवाही में भविष्य में कमी आने की उम्मीद है। सरकार ने बजट में टैक्स से जुड़े मामलों के अनुपालन के लिहाज से बड़ा ऐलान किया है। बजट में ऐसे मामलों को अदालत में ले जाने की मौजूदा तीन हजार रुपये की सीमा को बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है।
यानि अब 10000 रुपये से ऊपर के टैक्स चोरी के मामले को ही जरूरत पड़ने पर अदालती कार्यवाही के दायरे में रखा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे सरकार की मंशा आयकर अधिकारियों के ऊपर से काम का बढ़ता बोझ घटाने की रही है। आयकर विभाग के मुताबिक देश में टैक्स से जुड़े अदालती मामलों में सिस्टम का ज्यादातर समय लगता है। साथ ही बड़े पैमाने पर छोटे मामलों की कार्यवाही चलती रहती है।

कंपनियों की मंजूरी के बिना प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेचने पर रोक

नए नियमों के चलते सिस्टम की पूरी ताकत बड़े टैक्स चोरों पर सख्ती करके रिकवरी पर लगाई जाएगी। इन छोटे मामलों को विभाग दूसरे विकल्पों के जरिए निपटेगा। छोटे मामलों के लिए लोगों को अदालत के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बजट में वित्त मंत्री ने इज ऑफ लिविंग की बात की थी ऐसे में देश में अब समय आ गया है कि मामलों के कानून के अनुपालन को भी आसान बनाए जाने की जरूरत है। इसी वजह से आयकर विभाग ने अदालती मामलों के लिए जरूरी सीमा को बढ़ाया है।

टैक्स मामलों के विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक मौजूदा कानून के मुताबिक 3000 रुपये से ज्यादा के टैक्स चोरी के मामलों में अगर व्यक्ति टैक्स विभाग के नोटिस का जवाब नहीं देता था तब उस पर कानूनी कार्रवाई की जाती थी। अब सरकार की तरफ से से सीमा बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है जिससे जाहिर है आयकर विभाग का समय और खर्चा बचेगा। सीबीडीटी चेयरमैन ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को बताया स्टार्टअप से जुड़े टैक्स मामलों को लेकर भी विभाग जल्द आसान नियम लेकर आएगा। इस पर तेजी से काम चल रहा है।

टैक्स के मामलों में सरकार पहले से ज्यादा चुस्त
औद्योगिक संगठन फिक्की में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी सीबीडीटी के चेयरमैन पीसी मोदी ने बताया कि सरकार अब टैक्स से जुड़े मामलों से निपटने के मामले में पहले के मुकाबले ज्यादा चुस्त है। उन्होंने ये भी कहा कि हम तेजी से देश में आयकर मामलों की जांच के लिए नेम लेस और फेस लेस व्यवस्था की तरफ आगे बढ़ रहे हैं जिसमें सिस्टम ही व्यक्ति को नोटस भेजा करेगा। 

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  • Web Title:Centre Do Not take Action Against Small Taxpayers