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इन 8 राज्यों में 2,903.80 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय परियोजनाओं को मंजूरी

न्यू़ज एजेंसी,नई दिल्ली Published By: Tarun Singh
Sat, 25 Sep 2021 03:31 PM
इन 8 राज्यों में 2,903.80 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय परियोजनाओं को मंजूरी

सरकार ने 8 राज्यों को वित्त वर्ष 2021-22 के “पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता”योजना के तहत पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 2,903.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है जिसमें से 1393.83 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अनुसार मंत्रालय ने बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, सिक्किम और तेलंगाना के लिए 1,393.83 करोड़ रुपये की राशि जारी भी कर दी है। बिहार के 831 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत है जिसमें से 415.50 करोड़ जारी किये जा चुके है। इसी तरह से छत्तीसगढ़ के लिए 282 करोड़ रुपये स्वीकृत है जिसमें से 141 करोड़ रुपये जारी हो चुका है। 

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विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत है और 100 करोड़ जारी हो चुका है। मध्य प्रदेश के  लिए 649 करोड़ मंजूर किये गये हैं जिसमें से 342 करोड़ जारी हो चुका है। महाराष्ट्र के लिए 522 करोड़ स्वीकृत है जिसमें से 249.73 करोड़ रुपये जारी है। पंजाब के लिए 45.80 करोड़ रुपये मंजूर है जिसमें से 22.90 करोड़ रुपये जारी है। सिक्किम के वास्ते 200 करोड़ रुपये स्वीकृत है और 100 करोड़ जारी हो चुका है। तेलंगाना के लिए 174 करोड़ रुपये मंजूर है जिसमें से 40.20 करोड़ जारी हो चुका है। 

पूंजीगत व्यय के उच्च गुणक प्रभाव को देखते हुए और कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर राज्य को बहुत आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए गत 29 अप्रैल को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 'पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता'योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राज्य सरकारों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है लेकिन कुल वित्तीय सहायता वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 15 हजार करोड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए। 

इस योजना के तीन भाग हैं। योजना का पहला भाग 8 पूवोर्त्तर राज्यों अथार्त असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा और पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए है। इस भाग के तहत 7 पूवोर्त्तर राज्यों में से प्रत्येक को 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। असम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों को प्रत्येक के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

योजना का दूसरा भाग अन्य सभी राज्यों के लिए है जो भाग- एक में शामिल नहीं हैं। इस हिस्से के लिए 7,400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह राशि इन राज्यों के बीच वर्ष 2021-22 के लिए 15वें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार केंद्रीय करों में उनके हिस्से के अनुपात में आवंटित की गई है। योजना का तीसरा भाग राज्य सरकारों को राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के निजीकरण/विनिवेश और संपत्ति के मौद्रीकरण/पुनर्चक्रण के प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए है।

 इस भाग के तहत, राज्यों को योजना के तहत भाग एक या भाग दो के तहत उनके आवंटन के अलावा अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाएगी। योजना के इस हिस्से के लिए 5,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इस भाग के लिए, किसी राज्य को विशिष्ट राशि आवंटित नहीं होगी, 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर राशि प्रदान किया जाएगी।
 
पिछले वित्त वर्ष में भी वित्त मंत्रालय द्वारा' 2021-22के लिए पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता'नामक योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत, व्यय विभाग द्वारा 27 राज्यों के पूंजीगत व्यय के लिए 11,911.79 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई जिसमें से 2020-21 में राज्यों को 11,830.29 करोड़ रुपये जारी की गई।

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