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साल 2022 तक एक तिहाई कर्मचारी घर से काम करेंगे, दुनियाभर में 51 फीसद 2021 के अंत तक वर्क फ्रॉम होम पर रहेंगे

नई दिल्ली। हिन्दुस्तान ब्यूरोPublished By: Drigraj Madheshia
Thu, 24 Jun 2021 07:36 AM
साल 2022 तक एक तिहाई कर्मचारी घर से काम करेंगे, दुनियाभर में 51 फीसद  2021 के अंत तक वर्क फ्रॉम होम पर रहेंगे

कोरोना महामारी ने वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) कल्चर को जन्म दिया है। इसका फायदा दुनियाभर की कंपनियों और कर्मचारियों को हुआ है। रिसर्च फर्म गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल यानी 2022 तक एक तिहाई कर्मचारी घर से ही काम करेंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2021 में 51 फीसदी कर्मचारी (नॉलेज वार्कर) घर या आउट स्टेशन से काम करेंगे जबकि 2019 में यह आंकड़ा 27 फीसदी ही था। साथ ही कंपनियां वर्क फ्रॉम होम को और प्रभावी करने की दिशा में कदम उठाएंगी।

भारत-चीन में सबसे कम काम करेंगे

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में वर्क फ्रॉम होम के जरिये करीब 53 फीसदी कर्मचारी 2022 तक काम करेंगे। वहीं, 52% ब्रिटेन में, 37% जर्मनी और 33% जापान में घर से काम करेंगे जबकि भारत और चीन में यह आंकड़ा सबसे कम होगा। भारत में 30 फीसदी और चीन में सिर्फ 28 फीसदी कर्मचारी ही घर से काम करेंगे जबकि नॉलेज वर्कर की संख्या सबसे ज्यदा इन्ही दो देशों में है। नॉलेज वर्कर का मतलब लेखक, इंजीनियर, आइटी प्रोफेशनल आदि से है।

हाइब्रिड वर्कप्लेस की मांग बढ़ेगी

गार्टनर के अनुसार, कंपनियां आने वाले दिनों में कार्यालय स्थल के स्पेस कम करने और वर्क फ्रॉम होम के जरिये काम का बेहतर प्रबंधन पर काम करेंगी। इसके लिए हाइब्रिड वर्कप्लेस कल्चर को अपनया जाएगा। कंपनियों का मानव संशाधन विभाग कंपनी की जरूरत के मुताबिक, कर्मचारियों को हायर करने की रूपरेखा को तैयार करेंगे।

पीसी, टैबलेट की रिकॉर्ड बिक्री

रिपोर्ट के अनुसा, हाइब्रिड वर्कप्लेस ने पीसी, टैबलेट की मांग बढ़ाने का काम किया है। 2021 में, पीसी और टैबलेट शिपमेंट इतिहास में पहली बार 500 मिलियन यूनिट से अधिक होने की उम्मीद है जो जो व्यापार और उपभोक्ता दोनों बाजारों में मांग को बताता है। इसके साथ कंपनियां अपने दूरस्थ कर्मचारी को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए क्लाउड का सहारा ले रही हैं। इसके चलते 2021 के अंत तक क्लाउड सर्विस पर खर्च 23.1 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

बेरोजगारी दर में फिर से इजाफा

देश में बेरोजगारों की संख्या में फिर से वृद्धि दर्ज की गई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन एकोनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून को समाप्त हफ्ते में बेरोजगारी दर बढ़कर फिर से 9.35 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं, एक हफ्ते पहले बेरोजगारी दर 8.7% पर थी। रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान, शहरी बेरोजगारी एक सप्ताह पहले के 9.7% से दोहरे अंक में बढ़कर 10.3 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण बेरोजगारी 13 जून को दर्ज 8.23% से उच्च गति से बढ़कर 8.92% हो गई।

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