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त्योहारों में सोने के गहने, डिजिटल गोल्ड, ईटीएफ या खरीदें गोल्ड बॉन्ड

नई दिल्ली। संगीता ओझाPublished By: Drigraj Madheshia
Thu, 14 Oct 2021 11:23 AM
त्योहारों में सोने के गहने, डिजिटल गोल्ड, ईटीएफ या खरीदें गोल्ड बॉन्ड

भारत में सोने की खरीदारी को लेकर परंपरागत उत्साह रहा है और खासकर त्योहारों में हर कोई सोने की खरीदारी करना पसंद करता है। बाजार में भौतिक सोना यानी गहने या सिक्के, डिजिटल गोल्ड, ईटीएफ या गोल्ड बॉन्ड में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के किसी भी मोड में निवेश जरूरत और जोखिम की क्षमता को देखते हुए करनी चाहिए। साथ ही निवेश लंबी अवधि और विविधिकरण के नजरिये से करना चाहिए। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अपने कुल निवेश का पांच से 10 फीसदी ही सोने में निवेश करना चाहिए।

गोल्ड बॉन्ड पर ब्याज का फायदा

रिजर्व समय-समय पर गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। इसमें निवेश पर 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है। यह सोने में निवेश की इकलौती ऐसी योजना में जिसपर ब्याज मिलता है। इसकी परिपक्वता अवधि आठ साल की है। लेकिन जरूरत पर इसे पांच साल बाद भी बेच सकते हैं। इसे शेयरों की तरह खरीद-बेचने की सुविधा है। इसमें एक ग्राम सोने के मूल्य के बराबर राशि निवेश करने की भी सुविधा है। रिजर्व बैंक बॉन्ड में निवेश के लिए डिजिटल रूप में भुगतान करने पर प्रति 10 ग्राम 50 रुपये की छूट देता है।

ज्वेलरी से ज्यादा सिक्के फायदेमंद

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निवेश के लिए भौतिक सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ज्वेलरी से ज्यादा सिक्के फायदेमंद हो सकते हैं। सोने की ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज लगता है। आप जब कभी इसे बेचते हैं तो आपको केवल सोने के मूल्य के बराबर राशि मिलती है और मेकिंग चार्ज का नुकसान होता है। सोने के सिक्कों पर मेकिंग चार्ज नहीं लगता है और जरूरत पर उसके बदले नए डिजाइन की ज्वेलरी बनवाने का विकल्प हमेशा मौजूदा रहता है।

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