घर बैठे खरीदें सस्ता सोना वह भी लॉकडाउन-2 के बीच, मोदी सरकार दे रही है मौका, 20 से 24 अप्रैल के बीच ऐसे कर सकते हैं निवेश
मुख्य बातें
- शेयर बाजार पर कोरोना वायरस का असर और सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर आम जनता को Gold बेचेगी
- सरकार आम नागरिकों को एक बार फिर सोने में निवेश का मौका दे रही है

शेयर बाजार पर कोरोना वायरस का असर और सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर आम जनता को Gold बेचेगी। सरकार आम नागरिकों को एक बार फिर सोने में निवेश का मौका दे रही है। सुरक्षित निवेश का जरिया खोज कर रहे निवेशकों के लिए सोना में निवेश एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के निवेश करने वाला व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। स्कीम के तहत निवेश पर 2.5 % सालाना ब्याज मिलेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली किस्त को 2020-21 सीरीज नाम दिया गया है।
आरबीआई ने सोमवार को कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से भारत सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करने का फैसला किया है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 तक छह किश्तों में जारी किए जाएंगे " इसके तहत कम से कम एक ग्राम सोने में निवेश किया जा सकता है।
कब-कब जारी होंगे बॉन्ड
- पहली सीरीज: पहली सीरीज में 20 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल के बीच इसका सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। पहली किस्त 28 अप्रैल को जारी किया जाएगी।
- दूसरी सीरीज: 11 मई से लेकर 15 मई के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 19 मई को जारी की जाएगी।
- तीसरी सीरीज: 8 जून से लेकर 12 के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 16 जून को जारी की जाएगी।
- चौथी सीरीज: 6 जुलाई से लेकर 10 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 14 जुलाई को जारी की जाएगी।
- पांचवीं सीरीज: 3 अगस्त से लेकर 7 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 11 अगस्त को जारी की जाएगी।
- छठी सीरीज: 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 8 सितंबर को जारी की जाएगी।
इश्यू प्राइस पर RBI ने कहा कि यह भारतीय बुलियन और ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता के सोने के क्लोजिंग प्राइस के साधारण औसत के आधार पर तय किया जाएगा। SGB को बैंकों (स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पेमेंट बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (NSE और BSE) के माध्यम से बेचा जाएगा।
अगर आप गोल्ड बॉन्ड के लिए ऑनलाइन तरीके से आवेदन और भुगतान करेंगे तो निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपए की छूट मिलेगी। आपको बता दें कि भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने की दी गई कीमतों के आधार पर इस बांड की कीमत रुपये में तय होती है। बता दें सोमवार 13 अप्रैल को इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के मुताबिक 999 शुद्धता के सोने का मूल्य 46034 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा. वहीं ग्राहकी की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम और प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) समान होगी।
ये है नियम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश करने वाला व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं।
बॉन्ड लाने के पीछे कारण
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम का मकसद सोने की फिजिकल डिमांड को कम करना है। इसके तहत सोना खरीदकर घर में नहीं रखा जाता है बल्कि बॉन्ड में निवेश के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सोमवार को कहा कि सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीबी) को छह चरणों में जारी करेगी।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


