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स्टार्टअप के लिए बाजार से पैसा जुटाना होगा आसान, आईपीओ लाने के नियमों में भी दी जा सकती है ढील

सरकार देश में ऐसे नए नियम बनाने जा रही है, जिससे भविष्य में स्टार्टअप के लिए बाजार से पूंजी जुटाना आसान हो जाएगा। सरकार इसके लिए डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स यानी डीवीआर से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। ताकि प्रबंधकीय नियंत्रण छोड़े किए बिना भी नई कंपनियां रकम जुटाने के लिए शेयर बेच सकें।

सूत्रों ने हिंदुस्तान को बताया है कि कंपनी मामलों का मंत्रालय इस मामले में गंभीरता से विचार कर रहा है और सेबी के साथ मिलकर नए नियम बनाए जाएंगे। देश में फिलहाल ज्यादा वोटिंग राइट्स वाले शेयरों को जारी करने पर पाबंदी है। ऐसे शेयर कंपनियों के प्रवर्तकों और संस्थापकों के पास ही होते हैं। इनके बेचे जाने पर कंपनी में प्रबंधन का अधिकार खत्म होने का खतरा रहता है।

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सूत्रों ने बताया है कि नए नियमों के तहत सरकार डीवीआर वाले शेयरों पर अधिकतम 26 फीसदी की सीमा की समीक्षा कर सकती है। साथ ही देश में आईपीओ लाने के नियमों में भी ढील दी जा सकती है। अभी देश में आईपीओ लाने के लिए कंपनियों को तीन साल तक मुनाफा शेयर करने की भी शर्त है। कंपनियों के पास रिजर्व रकम रखने की शर्तों को भी आसान और स्टार्टअप के लिए सुविधाजनक बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

अभी कंपनियों की तरफ से अलग अलग माध्यमों से रकम जुटाने के दौरान एक निश्चित रकम का रिजर्व बनाने का भी प्रावधान है। इन नियमों के चलते कंपनियों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ जाती है। केंद्र सरकार का अगले 5 सालों में देश को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। सरकार को उम्मीद है कि अगर देश में स्टार्टअप इंडिया मुहिम और तेजी से आगे बढ़ेगी तो इससे न सिर्फ देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी बल्कि कई चीजों के आयात पर किया जाने वाला खर्चा भी बचेगा। साथ ही एक्सपोर्ट के मोर्चे पर भी देश की ताकत बढ़ेगी। यही वजह की सरकार देश में स्टार्टअप के लिए पूंजी की समस्याएं घटाना चाहती है और नियमों में ढील देकर उन्हें तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है। 

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  • Web Title:Build Money For Markets Gets East For Startups Centre Govt Ready To Make Rules