बजट से उम्मीद: सरकार कारोबारियों को बीमा का दे सकती है फायदा
मुख्य बातें
- Budget Expectations: संसद में एक फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में जीएसटी में रजिस्टर्ड रिटेल सेक्टर के कारोबारियों के लिए दुर्घटना बीमा का ऐलान किया जा सकता है

केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष से कारोबारियों को बीमा का तोहफा दे सकती है। हिन्दुस्तान को सूत्रों के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक एक फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में जीएसटी में रजिस्टर्ड रिटेल सेक्टर के कारोबारियों के लिए दुर्घटना बीमा का ऐलान किया जा सकता है।
10 लाख रुपए तक की दुर्घटना बीमा
जानकारी के मुताबिक कारोबारियों को नेशनल रिटेल ट्रेड पॉलिसी के तहत 10 लाख रुपए तक की दुर्घटना बीमा पॉलिसी सिर्फ 6000 रुपए तक के रियायती प्रीमियम में मिल सकेगी। इस बीमा की जिम्मेदारी न्यू इंडिया एश्योरेंस के साथ-साथ कुछ दूसरी सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों को दी जा सकती है।
सरकार के स्तर पर इस में अलग-अलग विभागों के साथ इंश्योरेंस कंपनियों की कई दौर की बैठकों के बाद इसका खाका तैयार किया गया है। इस पॉलिसी में छोटे और बड़े हादसों के साथ साथ कारोबारी की मौत पर ये बीमा लागू होगा।
इंश्योरेंस पॉलिसी के अलावा नेशनल रीटेल पॉलिसी के माध्यम से सरकार कारोबारियों को सस्ती दरों पर कर्ज भी मुहैया कराएगी। साथ ही देश में बेहतर तरीके से आपूर्ति तंत्र को विकसित किया जाना भी प्राथमिकता में रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि नई नीति से न केवल खुदरा व्यापार का दयरा बढ़े बल्कि लोगों को भी खरीदारी के बेहतर विकल्प भी उपलब्ध हो सकें। साथ ही कारोबारियों के डिजिटाईजेशन पर भी व्यापक तौर पर फोकस किया जाएगा।
कारोबारियों की उम्मीदें
एएमए हर्बल के को-फाउंडर और सीईओ, यावर अली शाह ने आगामी बजट को लेकर अपनी अपेक्षाओं पर बात करते हुए कहा, " केंद्रीय बजट 2024-25 को लेकर भी कई उम्मीदें हैं। मेरा अनुमान है कि स्थिरता, बुनियादी ढांचे और इनोवेशन के लिए रणनीतिक रूप से धन आवंटित किया जाएगा। कपड़ा उद्योग के लिए आयात-लागत असमानता को कम करना भी इस बजट से एक बड़ी अपेक्षा है। "
उन्होंने कहा, " उम्मीद है कि निर्यात प्रोत्साहन, लॉजिस्टिक्स, पर्याप्त सीमा शुल्क और आयात में लागत असमानताओं को कम करने का उचित समाधान भी किया जाएगा। एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त बिजनेस हाउस एएमए हर्बल ग्रुप के को-फाउंडर और सीईओ होने के नाते, मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह बजट न केवल कपड़ा उद्योग के लिए बल्कि अन्य उद्योगों के लिए भी कई फायदे और प्रोत्साहन के साथ आएगा। टिकाऊ उत्पादों की मांग की उपयोगिता के बारे में उपभोक्ताओं को शिक्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाने के लिए भी बजट में प्राविधान होना चाहिए। यह पहल टिकाऊ उत्पादों और सेवाओं के लिए प्रोत्साहन में वृद्धि करेगी।"
शालीमार कॉर्प के डायरेक्टर खालिद मसूद, ने कहा, "भारत की जीडीपी में 7% योगदान और 50 मिलियन व्यक्तियों को रोजगार देने वाले एक महत्वपूर्ण योगदान देने वाला रियल एस्टेट क्षेत्र आगामी बजट में सरकारी समर्थन की आशा करता है। हम ऐसी पहल की शुरुआत की उम्मीद करते हैं, जो उद्योग में नई जान डाल देंगी। हमारी प्राथमिक अपेक्षाओं में कैपिटल गेन टैक्स में कमी शामिल है, जो निवेश को प्रोत्साहित करेगी, अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए निवेश कार्यकाल को कम करेगी और अप्रत्यक्ष करों और ब्याज दरों से संबंधित चुनौतियों का समाधान करेगी, विशेष रूप से युवा खरीदारों के टैक्स के संबंध में।"
उन्होंने ने आगे कहा, " युवा आबादी के घर खरीदने और उद्योग के भविष्य पर संभावित प्रभाव को देखते हुए, सरकार को इस आबादी को आकर्षित करने के लिए लक्षित योजनाएं शुरू करनी चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को प्रोत्साहित करना हमारे बुजुर्ग नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमें उम्मीद है कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के आवास और वृद्धाश्रमों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए उनसे जुड़े निवेश या परियोजनाओं के लिए योजनाएं और लाभ के प्राविधान करेगी। महंगाई और बढ़ती पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किफायती आवास सीमा और यूनिट के आकार की समीक्षा करना भी बेहद महत्वपूर्ण है।"
बजट सत्र से पहले सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई
सरकार ने बजट सत्र से पहले मंगलवार को संसद में विभिन्न दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है। हर सत्र से पहले यह एक तरह की पारंपरिक बैठक होती है। बैठक में विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों को सामने रखते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं। सरकार उन्हें अपने एजेंडे के बारे में जानकारी प्रदान करती है तथा उनका सहयोग मांगती है।
लोकसभा चुनाव से पहले यह बजट सत्र 31 जनवरी को आरंभ होकर 9 फरवरी को समाप्त होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करेंगी। चुनाव के बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन से होगी।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


