DA Image
2 नवंबर, 2020|9:47|IST

अगली स्टोरी

मांग बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था में उछाल, इन क्षेत्रों में मिल रही है राहत 

                                                                                      2019                                                                           11

लॉकडाउन खत्म होने और मांग बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सिंतबर महीने में भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर से वृद्धि की रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में चल रहे त्योहारी सीजन में और सुधार होने की उम्मीद है क्योंकि इस दौरान मांग और खपत तेजी से बढेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, अर्थव्यवस्था के आठ प्रमुख संकेतकों में से पांच में तेजी से सुधार हुआ है। हालांकि, तीन में अभी सुधार होना बाकी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और वित्त मंत्रालय ने भी कहा है कि कोरोना संकट से उबरकर एक बार फिर से भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है। हालांकि, इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यस्था की वृद्धि दर नकारात्मक रहने की आशंका जताई गई है। गौरतलब है कि कोरोना संकट के चलते पहली तिमाही में भारतीय जीडीपी 24 फीसदी तक गिरगई थी।

1. व्यावसायिक गतिविधियों में सुधार

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सेवा क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है। सेवा क्षेत्र का सूचकांक सितंबर में बढ़कर 49.8 पर पहुंच गया है। अगस्त में यह 41.8 और जुलाई में 34.2 पर था। वहीं, अप्रैल में यह गिरकर 5.4 पर पहुंच गया था। यह सूचकांक इस बात के संकेत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है।
2. मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त तेजी
मैन्युफैक्चिरंग क्षेत्र में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। पीएमआई सूचकांक सिंतबर में उछलकर 56.8 पर पहुंच गया जो 2012 के बाद सबसे अधिक है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पांच महीने लगातार संकुचन के बाद यह उछला है।

Gold Price Latest: सोने के दाम में आया बदलाव, ये रहा आज का रेट

3. निर्यात के मोर्चे पर भी राहत

लंबे समय के बाद सितंबर महीने में निर्यात के मोर्चे पर भी राहत मिली है। सितंबर में निर्यात एक साल पहले के मुकाबले छह फीसदी बढ़ा। दवा, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल, रासायन आदि के निर्यात बढ़ने से यह सुधार हुआ है।

4. उपभोक्ताओं की ओर से मांग बढ़ी

कोरोना संक्रमण घटने से उपभोक्ता गतिविधि में लगातार सुधार हो रहा है। सितंबर महीने में गाड़ियों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 26.5% बढ़ी। यह संकेत हैं कि बाजार में मांग फिर से लौट रही है। रिटेल सेल्स में भी लगातार सुधार हो रहा है। खुदरा दुकानदारों की बिक्री बढ़ी है लेकिन अभी भी सालाना अधार पर 70 फीसदी कम है।

5. औद्योगिक उत्पादन में तेजी

अगस्त में औद्योगिक उत्पादन 8% गिरा था। वहीं, जुलाई में यह 10.8% गिरा था। कैपिटल गुड्स आउटपुट जो अर्थव्यवस्था में मांग का एक प्रमुख संकेतक 15.8% गिरा था। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आने वाले महीने में और सुधार होंगे और अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर लौटेगी।

निवेश से रोजगार बढ़ाने की तैयारी
देश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ाने के लिए सरकार विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) नया गाइडलाइन तैयार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि अभी विदेशी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने में 8-10 सप्ताह लगते हैं जिसे घटाने की तैयारी है। इसके साथ ही सुरक्षा, फार्मा, रिटेल, माइनिंग जैसे अहम क्षेत्रों में एफडीआई के लिए गाइडलाइन बनाना है। सरकार की तैयारी एफडीआई के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देकर इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भी सुधार करना है।

बैंक खाते में पैसा जमा करने और निकालने पर भी देना होगा चार्ज, इस बैंक ने बदले नियम

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Boom in Indian economy due to increase in demand export and manufacturing areas are getting relief