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10 अप्रैल, 2020|2:52|IST

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मॉल और रेलवे स्टेशन पर खोले जाएंगे बैंक आउटलेट

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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों में सुधार के तीसरे संस्करण ‘ईज 3.0’ को लॉन्च किया। इसके तहत आने वाले दिनों में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बैंकों के आउटलेट मॉल, रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर खोले जाएंगे। सरकार की तैयारी ईज 3.0 के जरिए अगले वित्त वर्ष में सिर्फ एक फोन कॉल के जरिये उपभोक्ता को पंजीकृत कराकर बैंक लोन मुहैया कराने की है। सरकार का मानना है कि जब लोगों की ज्यादातर जानकारियां सरकारी प्रणाली में पहले से ही मौजूद है तो फिर उन्हें उन्हीं कागजातों के सत्यापन प्रक्रिया से गुजरने के लिए लंबा समय न लगे।

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सरकारी बैंकों ने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा एनालिटिक्स के जरिए जो नया सिस्टम तैयार किया है उसमें तमाम मुश्किलों को दूरकर घर-घर पहुंचकर कर्ज देने का काम हुआ करेगी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार की मंशा बैंक के अधिकारियों के ऊपर बेवजह कार्रवाई करने की नहीं है बल्कि वो चाहती है कि जनता का पैसा बैंकों में वापस आए। इसके लिए जो भी कार्रवाई करनी पड़ेगी उसे किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि हम चाहते है कि देश के सुदूर इलाकों में सरकारी बैंकों के शाखाओं में कम से कम एक स्टाफ स्थानीय भाषा में ग्राहकों से बातचीत करने के लिए होना चाहिए। 

ग्राहकों से जुड़ने पर जोर देने की सलाह

निर्मला सीतारमण के मुताबिक, सरकारी बैंकों में ज्यादातर फैसले क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिए जाते हैं लेकिन शाखा स्तर पर ग्राहकों के साथ जो जुड़ा होता है उसका कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ग्राहक के बारे में जो जानकारी होती है वो ज्यादा पुख्ता होती है। उसे भी बैंकों को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने की जरूरत है। बैंकों की तरफ से वित्त मंत्री को पिछले सालों में किए गए कामकाज की प्रेजेंटेशन भी दी गई। प्रेजेंटेशन में सरकारी बैंकों की तरफ से मार्च 2018 से लेकर दिसंबर 2019 के बीच किए गए सुधारों का भी जिक्र किया गया है। 

कर्ज के औसत समय में आई कमी 

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन की तरफ से बताया गया है कि करीब 21 महीने में सरकारी बैंकों में मार्केटिंग करने वाले कर्मचारियों की संख्या 8920 से बढ़ाकर 17617 कर दी गई है। यही नहीं कर्ज देने लिए औसत समय में भी 67 फीसदी की कमी देखने को मिली है। पहले जहां 30 दिन में कर्ज मिला करता था अब ये औसतन 10 दिन में मिल जाया करता है। साथ ही बैंकों ने ये भी दावा किया है कि शिकायतों के निपटाने के समय में भी 33 फसदी की कमी आई है। पहले औसतन 9 दिन मे शिकायतें सुलझाई जाती थीं जो अब 6 दिन में निपटा दी जाती हैं।

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  • Web Title:Bank outlets opened at the mall and railway station