At the time of second hand vehicle purchase insurance transfer should be necessary - जानिए, पुराना वाहन खरीदने पर बीमा पॉलिसी का ट्रांसफर कराना क्यों है जरूरी DA Image

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जानिए, पुराना वाहन खरीदने पर बीमा पॉलिसी का ट्रांसफर कराना क्यों है जरूरी

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वाहनों की घटती बिक्री के साथ सेकेंडहैंड यानी पुरानी कार खरीदने का चलन बढ़ गया है। अक्सर सस्ते दामों पर कार मिलने के चक्कर में लोग कागजी कार्यवाही पूरी नहीं करते हैं। ऐसे में अगर वह वाहन किसी हादसे का शिकार होता है तो बीमा क्लेम नहीं मिलता है।  अक्सर कुछ लापरवाही या अज्ञानता के कारण क्लेम खारिज कर दिया जाता है। ऐसे में बीमा प्रीमियम भुगतान के बावजूद क्लेम नहीं मिल पाता या विवाद अदालत में पहुंच जाता है। ऐसे में बीमा क्लेम पाने के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी हैं। 

दुर्घटना के तुरंत बाद सूचना दें
अगर कोई हादसा होता है तो कंपनी के सर्वेयर को वाहन का निरीक्षण करने का समय दें। महज उसे फोन कर गाड़ी की खुद मरम्मत करा लेना सही नहीं है। अगर तुरंत मरम्मत करानी हैं तो कंपनी से सलाह लेकर ही दिशानिर्देशों के मुताबिक आगे बढ़ना समझदारी है। अगर चोरी हुई है, वाहन को भारी क्षति के साथ किसी तीसरे पक्ष को नुकसान पहुंचा है तो पुलिस को भी तुरंत जानकारी देना जरूरी होता है। 

बीमा का ट्रांसफर जरूर करा लें 
जब आप कोई सेकेंडहैंड कार खरीदते हैं या बेचते हैं तो सुनिश्चित कर लें कि बीमा का भी ट्रांसफर हो गया है कि नहीं। अक्सर हम आरसी का ट्रांसफर तो करा लेते हैं, लेकिन बीमा को भूल जाते हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो खरीदार और विक्रेता दोनों मुश्किल में पड़ सकते हैं। बीमा कंपनियों के पास ऐसे क्लेम आते हैं, जब किसी और से वाहन खरीदने वाले ने बीमा पॉलिसी अपने नाम ट्रांसफर किए बगैर दावा किया हो। ऐसे में दावा खारिज कर दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन बेचने और खरीदने वाले दोनों की जिम्मेदारी है कि बीमा दूसरे के नाम ट्रांसफर हो जाए। 

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आरसी का ट्रांसफर भी कराना है जरूरी
अगर आपने नई पॉलिसी ले ली है और आरसी का ट्रांसफर नहीं हो पाया है तो भी मुसीबत बन सकती है। आरसी के बगैर वाहन पर आपका स्वामित्व साबित नहीं होता। ऐसे में अगर उस वाहन का बीमा आपके नाम हो भी गया है तो भी आप क्लेम कर खर्च नहीं ले पाएंगे। 

पॉलिसी वाहन मालिक के नाम पंजीकृत हो
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बीमा पॉलिसी वाहन मालिक के नाम पंजीकृत नहीं है तो भी वाहन मालिक क्लेम नहीं ले पाएगा। लिहाजा यह सुनिश्चित कर लें कि बीमा पॉलिसी वाहन मालिक के नाम पंजीकृत करा ली जाए। 

निजी वाहन का कहीं और इस्तेमाल न करें
अगर आप किसी निजी वाहन का किसी कारोबार में इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसे कामकाज के दौरान कोई हादसा हो जाता है तो भी बीमा कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती है। लिहाजा वाहन का व्यावसायिक इस्तेमाल करना है तो उसी श्रेणी में उसका पंजीकरण कराएं। 

इन मामलों में भी क्लेम नहीं
अगर हादसे के वक्त वाहन चालक ने कोई नशा किया हो
वाहन चालक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए दुर्घटना की हो

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