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BharatPe के को-फाउंडर पर बिफरे अश्नीर ग्रोवर, 'दोगलापन' का किया खुलासा

आपको बता दें कि BharatPe ने साल की शुरुआत में ग्रोवर पर कोष की धांधली, धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। उसके बाद ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन कंपनी से अलग हो गए थे।

BharatPe के को-फाउंडर पर बिफरे अश्नीर ग्रोवर, 'दोगलापन' का किया खुलासा
Deepak Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 09 Dec 2022 07:11 PM

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फिनटेक यूनिकॉर्न BharatPe के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर ने कंपनी के को-फाउंडर शाश्वत नाकरानी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर एक अहम खुलासा किया है। इस खुलासे को अश्नीर ग्रोवर ने शाश्वत नाकरानी का 'दोगलापन' करार दिया है। 

क्या है मामला: दरअसल, BharatPe ने अपने अपदस्थ को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर के अलावा उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर मुकदमे में ग्रोवर दंपत्ति और उनके तीन रिश्तेदारों पर गबन के आरोप लगाए गए हैं।

यही नहीं, BharatPe ने आर्थिक अपराध शाखा के पास आपराधिक शिकायत भी दर्ज कराई है। कंपनी ने उनसे हर्जाने के तौर पर 88.67 करोड़ रुपये की मांग की है। अब इसी मामले को लेकर अश्नीर ग्रोवर ने BharatPe के को-फाउंडर शाश्वत नाकरानी पर निशाना साधा है। 

क्या कहा अश्नीर ने: ट्विटर पर तस्वीर शेयर करते हुए अश्नीर ग्रोवर ने 'दोगलापन' लिखकर एक घटना का जिक्र किया है। अश्नीर लिखते हैं, '' शाश्वत (को-फाउंडर) ने मुझसे कहा- भाई डिग्री पूरी करनी है। एक साल ऑफिस बंक करके IIT पूरा कर लेता हूं। सेकेंडरी करा देना और सैलरी भी मत रोकना, इन्वेस्टर को मत बताना।'' 

अश्नीर के ट्वीट के मुताबिक शाश्वत ने बोर्ड से कहा: अश्नीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है। 

अश्नीर की नई मुसीबत: इस बीच, न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों ने बताया है कि अशनीर ग्रोवर के पास मौजूद हिस्सेदारी और संस्थापक के दर्जे को वापस लेने के लिए मध्यस्थता अर्जी लगाई है। सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (सीआईएसी) के नियमों के तहत यह मध्यस्थता अर्जी दायर की गई है। BharatPe की यह अर्जी स्वीकार कर ली जाती है तो ग्रोवर अपने पास मौजूद कंपनी के रोके गए शेयर और संस्थापक का दर्जा गंवा सकते हैं।

कितनी है हिस्सेदारी: BharatPe में करीब 8.5 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्रोवर के पास है लेकिन इसमें से 1.4 प्रतिशत शेयरधारिता प्रतिबंधित श्रेणी में हैं। प्रतिबंधित शेयरधारिता का मतलब है कि कंपनी के कर्मचारी के तौर पर मिली उस हिस्सेदारी को हस्तांतरित नहीं जा सकता है।

बता दें कि BharatPe ने साल की शुरुआत में ग्रोवर पर कोष की धांधली, धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। उसके बाद ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन कंपनी से अलग हो गए थे। लेकिन दोनों पक्षों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।