आरोग्य संजीवनी स्वास्थ्य बीमा 50 प्रतिशत तक सस्ती, माता पिता के साथ सास-ससुर को भी करा सकते हैं कवर
मुख्य बातें
- कोरोना महामारी से बढ़ते स्वास्थ्य खतरे को देखते हुए अगर बीमा पॉलिसी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं आरोग्य संजीवनी स्वास्थ्य बीमा एक बेहतर विकल्प हो सकता है
- बीमा नियामक इरडा की ओर से स्टैंडर्ड हेल्थ कवर..

कोरोना महामारी से बढ़ते स्वास्थ्य खतरे को देखते हुए अगर बीमा पॉलिसी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं आरोग्य संजीवनी स्वास्थ्य बीमा एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बीमा नियामक इरडा की ओर से स्टैंडर्ड हेल्थ कवर पॉलिसी का खाका खींचने के बाद आप इस पॉलिसी का चुनाव आसानी से कर सकते हैं। अधिकांश बीमा कंपनियां इस पॉलिसी को उपलब्ध करा रही है। यह पॉलिसी आपको आप सस्ते प्रीमियम पर ज्यादा लाभ देता है। बीमा विशषज्ञों के अनुसार, निम्न मध्यम आय वर्ग के लिए यह एक बेहतर स्वास्थ्य बीमा विकल्प है।
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फायदे
आरोग्य पॉलिसी के बुनियादी प्लान में आपको एक लाख से पांच लाख रुपये तक कवर मिलता है। उम्र के अनुसार 4000 से 7000 रुपये का प्रीमियम सालाना भुगतान करना होता है। इसके अलावा इस पॉलिसी को व्यक्तिगत या फेमिली फ्लोटर योजना के रूप में खरीदा जा सकता है, जिसमें पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता और सास-सुसुर शामिल होते हैं। इस पॉलिसी का टर्म जिसे नवीकरण करने की सुविधा एक साल है वहीं 5 फीसदी से 50% नो क्लेम बोनस का लाभ ले सकते हैं । 4 हजार से सात हजार प्रीमियम भुगतान पर पांच लाख तक कवर मिलता है।
18 से 65 साल के बीच लेने योग्य
इस पॉलिसी को 18 साल से 65 साल के उम्र के बीच व्यक्ति खरीद सकते हैं। इस पॉलिसी के कवर में कोरोना के उपचार को भी शामिल कर दिया गया है ताकि इस पॉलिसी को लेने वालों को अलग से कोरोना कवर नहीं लेना पड़े। इरडा की ओर से गाइडलाइन जारी होने के बाद सभी बीमा कंपनियों को इस पॉलिसी के स्टैंडर्ड टर्म एंड कंडीशन में बदलाव नहीं करना है। वह इस पॉलिसी को अपनी सुविधा अनुसार नाम दे सकते हैं लेकिन उसमें आरोग्य संजीवनी लगाना जरूरी है।
मिलने वाले कवर
- अस्पताल में भर्ती होने का खर्च
- आयुष ( आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा) उपचार पर खर्च
- प्रीहास्पिटलाइजेशन में 30 दिन तक का खर्च
- पोस्ट हास्पिटलाइजेशन में 60 दिन तक खर्च
- डेंटल और प्लास्टिक सर्जरी केवल चोट या किसी बीमारी के कारण
प्रीमियम भुगतान में लचीलापन
इस पॉलिसी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके प्रीमियम को आप मासिक, त्रैमासिक, छमाही या सालाना भुगतान कर सकते हैं। इसमें अपने माता पिता के साथ सास-ससुर को भी कवर कर सकते हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यह पालिसी बुनियादी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के मुकाबले 20 से 50 प्रतिशत सस्ती है। इसमें कई ऐसी बीमारियों को कवर दिया जा रहा है जो पहले से चली आ रही पालिसियों में नहीं हैं।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


