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आईडीएफसी बैंक और कैपिटल फर्स्ट के विलय को मंजूरी

आईडीएफसी बैंक औरकैपिटल फर्स्ट का होगा विलय
आईडीएफसी बैंक औरकैपिटल फर्स्ट का होगा विलय

निजी क्षेत्र के आईडीएफसी बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी कैपिटल फर्स्ट ने शनिवार को कहा कि उन्हें विलय के लिए अपने-अपने निदेशक मंडल की मंजूरी मिल गई है। सौदे के तहत कैपिटल फर्स्ट के प्रत्येक 10 शेयर के लिए आईडीएफसी बैंक 139 शेयर जारी करेगा।

होम लोन कारोबार बढ़ेगा
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव लाल ने जारी बयान में कहा कि हमें यकीन है कि यह विलय आईडीएफसी बैंक के लिए अभूतपूर्व होगा। इससे तकनीकी और सांस्कृतिक जुड़ाव वाले दो संगठन विविधता से भरा एक वैश्विक बैंक बनाने के लिए एक साथ आएंगे और इससे सभी संबंधित पक्षों का मूल्यवर्धन होगा। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस विलय से होम लोन के बाजार पर आईडीएफसी बैंक की पकड़ मजबूत होगी क्योंकि कैपिटल फर्स्ट की होम लोन इकाई बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

राजीव लाल सीईओ पद छोड़ेंगे
लाल संयुक्त निकाय के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालेंगे। वह वीणा मानकर को स्थानांतरित करेंगे। हालांकि, मानकर भी निदेशक मंडल में बनी रहेंगी। जबकि कैपिटल फर्स्ट के मौजूदा चेयरमैन एवं एमडी वी. वैद्यनाथ विलय के बाद संयुक्त निकाय के एमडी व सीईओ होंगे।
 

विलय से आईडीएफसी बैंक के ग्राहकों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच जाएगी
विलय से आईडीएफसी बैंक के ग्राहकों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच जाएगी

विलय का फायदा
इस विलय से संयुक्त इकाई के ग्राहकों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच जाएगी। साथ ही इसकी प्रबंधन अधीन संपत्ति (एयूएम) 88 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी। विलय के बाद शाखाओं की संख्या 194 और माइक्रो एटीएम की संख्या करीब 9,100 पहुंच जाएगी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस विलय से आईडीएफसी बैंक निजी क्षेत्र के एक्सिस और कोटक महिंद्रा को कड़ी टक्कर दे सकता है।
 

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  • Web Title:Approval of merger of IDFC Bank and Capital First