Air India unions oppose privatisation bid - एयर इंडिया के निजीकरण के खिलाफ 13 स्टाफ यूनियन DA Image
21 नबम्बर, 2019|3:14|IST

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एयर इंडिया के निजीकरण के खिलाफ 13 स्टाफ यूनियन

air india planes

एअर इंडिया कर्मचारियों एवं अधिकारियों की दर्जन भर से अधिक यूनियनों ने अपनी नौकरियों की चिंता को लेकर वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइन को बेचने की सरकार की दूसरी कोशिश का सोमवार को कड़ा विरोध किया। यूनियन से जुड़े सूत्रों ने प्रबंधन के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। बजट की घोषणाओं के बाद तत्काल हरकत में आए एअर इंडिया के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने शुक्रवार को ही निजीकरण की योजना पर चर्चा को लेकर सोमवार को सभी 13 (रिपीट 13) यूनियनों की बैठक बुलाई।

मीडिया में चल रही खबरों में कहा गया है कि सरकार ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए अक्टूबर तक की समयसीमा तय की है। यूनियन के एक पदाधिकारी ने प्रबंधन के साथ बैठक खत्म होने के बाद नयी दिल्ली से फोन पर 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''13 यूनियनों के मंच ने निजीकरण के विरोध का फैसला किया है।''

सूत्र ने बताया कि करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने प्रबंधन को बताया कि वे एयरलाइन के कायापलट के लिए कुछ भी करने को तैयार है लेकिन किसी भी कीमत पर निजीकरण को 'स्वीकार' नहीं करेंगे। पहले कार्यकाल के दौरान भी मोदी सरकार ने एयरलाइन कारोबार से निकलने की कोशिश की थी लेकिन खरीदार नहीं मिलने के कारण उसे अपना फैसला टालना पड़ा था।
     
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने बजट पेश करते हुए कहा, ''वर्तमान वृहद आर्थिक मानकों को देखते हुए सरकार ना सिर्फ एअर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी बल्कि अन्य केंद्रीय उद्यमों में निजी क्षेत्र की भागीदारी की पेशकश करेगी।'' एअर इंडिया के कर्मचारियों की यूनियन लगातार कंपनी के निजीकरण का विरोध करते रहे हैं। किंगफिशर और जेट एयरवेज का उदाहरण देते हुए उनका कहना है कि निजीकरण इस समस्या का समाधान नहीं है।

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