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अडानी की कंपनी को मिला सरकार से कॉन्ट्रैक्ट, ₹3000 करोड़ में डील फाइनल

जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर बेस्ड डील है। अडानी की कंपनी ने 22.79% रेवेन्यू का ऑफर देकर इस डील को अपने नाम किया है।

Deepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीSat, 17 Feb 2024 12:26 PM
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गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी रियल्टी ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRDC) द्वारा रखे गए 24 एकड़ के बांद्रा रिक्लेमेशन लैंड पार्सल के पुनर्विकास का कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया है। हालांकि, इसको अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और MSRDC बोर्ड द्वारा आगामी बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। 

रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर बेस्ड डील
जानकारी के लिए बता दें कि यह एक रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर बेस्ड डील है। अडानी की कंपनी ने 22.79% रेवेन्यू का ऑफर देकर इस डील को अपने नाम किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसने लार्सन एंड टुब्रो की 18 प्रतिशत की बोली को पीछे छोड़ दिया। यह भी अहम है कि एलएंडटी के पास अडानी के ₹48,000 करोड़ की तुलना में लगभग ₹84,000 करोड़ का मजबूत नेटवर्थ है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लैंड पार्सल का संभावित डेवलपमेंट एरिया 45 लाख वर्ग फुट है और इसका मूल्य लगभग ₹30,000 करोड़ है।

MSRDC के एमडी ने क्या कहा
MSRDC के एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ के अनुसार यह निर्णय रेवेन्यू बेस्ड मॉडल पर आधारित था। अडानी की ऊंची बोली नई और चल रही इंफ्रा प्रोजेक्ट के लिए राजस्व को अधिकतम करने में सरकार की रुचि के अनुरूप है। गायकवाड़ ने उन आरोपों का भी खंडन किया कि बोली प्रक्रिया विशिष्ट डेवलपर्स का पक्ष लेती है। उन्होंने कहा- चूंकि MSRDC की बोलियां रेवेन्यू बेस्ड मॉडल की हैं, इसलिए जो डेवलपर राजस्व का अधिकतम प्रतिशत प्रोवाइड करता है और सरकार के लिए फायदेमंद है। अडानी ने हमें ऊंची बोली की पेशकश की है इसलिए वह हमारी पसंद हैं। 

धारावी पुनर्विकास के लिए सबसे बड़ी बोलीदाता
आपको बता दें कि साल 2022 में अडानी समूह 259 हेक्टेयर में फैली धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिये सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी थी। समूह ने दुनिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी में से एक के पुनर्विकास के लिये 5,069 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। बोली पूरे 20,000 करोड़ रुपये की परियोजना के लिये थी। परियोजना को लेकर कुल समयसीमा सात साल है। यह क्षेत्र 2.5 वर्ग किलोमीटर में फैला है। परियोजना के तहत झुग्गियों में रह रहे 6.5 लाख लोगों का पुनर्वास करना है।

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