प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम: 2000 की दूसरी किस्त से पहले कर लें ये काम नहीं तो मलते रह जाएंगे हाथ
लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम की पांचवीं और इस वित्तवर्ष की पहली किस्त का 2000 रुपये मोदी सरकार किसानों के खाते में भेज चुकी है। 6 मई तक 8.19 करोड़ पीएम किसान...

लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम की पांचवीं और इस वित्तवर्ष की पहली किस्त का 2000 रुपये मोदी सरकार किसानों के खाते में भेज चुकी है। 6 मई तक 8.19 करोड़ पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को 2,000 रुपये की किस्त मिल गई है। योजना शुरू होने के बाद अब तक किसानों को 2,000 रुपये की 5 किस्त भेजी जा चुकी है। जल्द ही इसकी छठी किस्त भी आने वाली है, इसके बावजूद अभी बहुत से ऐसे किसान हैं, जिनके खातों में यह रकम नहीं पहुंच पा रही है। इसकी वजह एक छोटी सी स्पेलिंग मिस्टेक है।
पात्र होने के बावजूद अगर आपको पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया है तो हो सकता है कि आपके आधार कार्ड या बैंक अकाउंट और अन्य कागजातों में नाम की स्पेलिंग में अंतर है। एक स्पेलिंग मिस्टेक की वजह से करीब 70 लाख किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के 6000 रुपये में से 2000 की पहली किस्त नहीं पहुंच पाई है। अगर आाप भी इन 70 लाख किसानों में से हैं तो इस गलती को अभी सुधार लें।
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दरअसल पीएम किसान योजना के 70 लाख आवेदनकर्ताओं के नाम और बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी है, जिसकी वजह से इस योजना की राशि ऑटोमेटिक सिस्टम पास नहीं करता। किसी के आधार कार्ड की स्पेलिंग उनके बैंक अकाउंट से भिन्न है तो किसी के डाक्यूमेंट में कोई और दिक्कत है। बता दें मोदी सरकार सालाना 14.5 करोड़ लोगों को पैसा देना चाहती है, लेकिन लाभ अभी 9.68 करोड़ किसानों को ही मिल सका है। अगर आप भी इस छोटी गलती के कारण अभी तक इस योजना के लाभ से वंचित हैं तो इन आसान स्टेप के जरिए उसे ठीक कर योजना का लाभ उठाएं..
- PM-Kisan Scheme की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं। इसके फार्मर कॉर्नर के अंदर जाकर Edit Aadhaar Details ऑप्शन पर क्लिक करें।
- आप यहां पर अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।
- अगर आपका केवल नाम गलत होता है यानी कि अप्लीकेशन और आधार में जो आपका नाम है दोनों अलग-अलग है तो आप इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं।
- अगर कोई और गलती है तो इसे आप अपने लेखपाल और कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें
इसके बाद भी न मिले पैसा तो क्या करें
अगर आवेदन करने के बाद भी पैसा न मिले तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन (PM-Kisan Helpline 155261 या 1800115526 (Toll Free) पर संपर्क करें। वहां से भी बात न बने तो मंत्रालय के दूसरे नंबर (011-23381092) पर भी बात कर सकते हैं।
इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले किसान भी इसके लाभ से वंचित होंगे। डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, वर्तमान या पूर्व मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को स्कीम से बाहर रखा गया है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


