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16 सितम्बर, 2020|2:10|IST

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67 फीसद खिलौने सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, गुणवत्ता नियमों को लागू करने की समय सीमा बढ़ी

मोदी सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के बीच गुणवत्ता मानकों को लागू करने के लिए घरेलू खिलौना उद्योग को अगले साल जनवरी तक चार और महीनों की मोहलत दी है। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।  वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अधिसूचना जारी कर खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश 2020 के कार्यान्वयन की तारीख को इस साल एक सितंबर से बढ़ाकर एक जनवरी 2021 कर दिया है।

बाजार में घटिया मानक वाले खिलौनों पर लगेगी रोक

आदेश में कहा गया कि इस निर्णय के तहत घरेलू विनिर्माताओं को कोविड-19 महामारी से पैदा हुई कठिनाइयों के मद्देनजर मानकों को लागू करने के लिए चार महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है।  सरकार इस समय खिलौनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है और उसने फरवरी में खिलौनों के आयात शुल्क में बढ़ोतरी भी की थी। खिलौनों के गुणवत्ता नियंत्रण आदेश से सरकार ने बाजार में घटिया मानक वाले खिलौनों पर रोक लगाने की कोशिश की है। 

4,000 से अधिक छोटे और मझोले उद्योग

एक अध्ययन के अनुसार लगभग 67 प्रतिशत खिलौने सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। भारत में खिलौने उद्योग मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र में है, जिसमें लगभग 4,000 से अधिक छोटे और मझोले उद्योग शामिल हैं।  भारत में लगभग 85 प्रतिशत खिलौने चीन से आयात किए जाते हैं। इसके बाद श्रीलंका, मलेशिया, जर्मनी, हांगकांग और अमेरिका का स्थान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में भारत में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही थी। 

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  • Web Title:67 percent toys did not meet safety standards deadline to implement quality rules extended