DA Image
4 अक्तूबर, 2020|9:41|IST

अगली स्टोरी

अनिल अंबानी ही नहीं, ये 5 अन्य लोग भी नहीं रहे अब धनकुबेर

6 billionaire industrialists now pauper including anil ambani vg siddharth naresh goyal rana kapoor

दुनिया के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल अनिल अंबानी कंगाल होने के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने खुद ब्रिटेन की एक अदालत में यह स्वीकार किया है कि उनके पास वकील की फीस भरने के लिए पैसे नहीं है। वह अपना कीमती गहने बेच कर फीस का भुगतान कर रहे हैं। हालांकि, देश में सिर्फ अनिल अंबानी ही अकेले उद्योगपति नहीं हैं, जो अब धनकुबेर नहीं रहे। इससे पहले कैफे कॉफी डे के संस्थापक, वी. जी. सिद्धार्थ, जेट एयरवेज के संस्थापक और पूर्व सीईओ, नरेश गोयल, यस बैंक के संस्थापक, राणा कपूर और फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर, मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह भी इस श्रेणी में शामिल हैं। आइए, एक नजर डालते हैं इन उद्योपतियों की अर्श से फर्श तक की कहानी पर।

1. अनिल अंबानी: कभी दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे

उद्योगपति अनिल अंबानी आज से करीब 15 साल देश के शीर्ष 10 उद्योगपतियों में शामिल थे। 2005 में विरासत में पिता से मिली संपत्ति का बंटवारा होने के बाद मुकेश-अनिल अंबानी लगभग बराबरी पर थे। 2007 में अनिल के पास 45 अरब और मुकेश अंबानी की संपत्ति करीब 49 अरब डॉलर थी। साल 2008 में आई फोर्ब्स की सूची में अनिल अंबानी 42 अरब डॉलर के साथ दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे। आखिर क्या हुआ कि अनिल अंबानी का इनता बड़ा कारोबारी सम्राज्य खत्म हो गया।

anil d ambani   reuters file photo

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि बंटवारे में अनिल अंबानी को जो कंपनियां मिली थीं, उन पर ध्यान न देते हुए अनिल अंबानी ने कई और सेक्टर में निवेश किया, जिससे उनकी एक के बाद एक कंपनी डूबती चली गई। उदहारण के तौर पर 2017 में रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपना वायरलेस कारोबार बंद कर दिया। मई 2018 में अनिल अंबानी ने इस कंपनी को बंद करने का निश्चय किया, जिसके बाद यह कंपनी दिवालिया कार्यवाही में आ गई। मई 2019 में रिलायंस कैपिटल ने अपना म्यूचुअल फंड कारोबार बेच दिया। 2020 को रिलायंस पावर 685 करोड़ रुपये का लोन चुकाने में डिफॉल्ट हुई। वहीं रिलायंस इन्फ्रा पर 148 अरब रुपये का कर्ज चढ़ गया। इसी तरह उनकी दूसरी कंपनी भी घाटे में आने से दिवालिया होती चली गई।

2. वीजी सिद्धार्थ:  एक ऐसा नाम, जिनकी पहचान नाम से अधिक काम से थी

    वीजी सिद्धार्थ, भारत के सफल कारोबारियों में एक ऐसा नाम जिनकी पहचान नाम से अधिक काम से थी।

कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ को कौन भूल सकता है, जिन्होंने कर्ज के कारण 2019 में एक नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। वीजी सिद्धार्थ, भारत के सफल कारोबारियों में एक ऐसा नाम, जिनकी पहचान नाम से अधिक काम से थी। कैफे कॉफी डे के फाउंडर ने 5 लाख रुपये के साथ अपने सफर की शुरुआत की थी और एक अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति के मालिक बन गए थे। हालांकि, बाद में वो कर्ज के जाल में फंसते चले गए और आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड लेटर में उन्होंने कर्जदाताओं के दबाव और आयकर अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न के बारे में बताया।

3.नरेश गोयल: कभी एविएशन किंग कहलाते थे​​​​​​​

naresh goyal was questioned by the agency till late evening and then he was taken to his house for s

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल एक समय एविएशन किंग कहलाते थे। गोयल ने 1991 में जेट एयरवेज की शुरुआत की थी। देखते-देखते यह कंपनी एविएशन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने लगी। हालांकि, बाद में नरेश गोयल के गलत फैसले से यह कंपनी भारी कर्ज में आ गई। दरअसल, जेट को विदेशों के लिए उड़ाने भरने वाली एकमात्र कंपनी बनाने के लिए गोयल ने 2007 में एयर सहारा को 1,450 करोड़ रुपये में खरीद लिया।

एयर सहारा खरीदकर हुए 'बेसहारा'

तब इस फैसलों को गोयल की गलती के तौर पर देखा गया। तब से कंपनी को वित्तीय मुश्किलों से सही मायने में कभी छुटकारा नहीं मिल पाया। जेट एयरवेज पर करीब 26 बैंकों का 8,500 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था और उनके दबाव में नरेश गोयल को मार्च में कंपनी के चेयरमैन के पद से इस्तीफा देना पड़ा। ईडी इस मामले की जांच कर रही है।

4. राणा कपूर: यस बैंक के सह-प्रवर्तक अब सलाखों के पीछे

yes bank founder rana kapoor  file pic

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में यस बैंक के सह-प्रवर्तक राणा कपूर का लंदन में 127 करोड़ रुपये मूल्य का फ्लैट कुर्क किया है। ईडी ने इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए के तहत राणा कपूर की 2203 करोड़ रुपये की सपंत्ति अटैच की है। राणा कपूर को केंद्रीय जांच एजेंसी ने मार्च में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जेल में है।

अमेरिका के सिटी बैंक में बतौर इंटर्न से बैंकर तक सफर

1979 में एमबीए करने के दौरान ही राणा ने अमेरिका के सिटी बैंक में बतौर इंटर्न अपने करियर की शुरुआत की। वह आईटी डिपार्टमेंट में थे। बैंकिंग क्षेत्र की चमक-धमक देखकर यहीं से उनका रुझान बैंकिंग में बढ़ा। इस क्षेत्र में बतौर बिजनेसमैन कदम रखने से पहले वो इस क्षेत्र का अनुभव लेना चाहते थे।  राणा कपूर पर आरोप है कि निजी रिश्तों को ध्यान में रखकर उन्होंने यस बैंक से लोन बांटे। यस बैंक ने अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, एस्सेल ग्रुप, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे ग्रुप्स को लोन बांटे हैं।

5. मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह: कभी फोर्ब्स की लिस्ट में थे

former fortis promoters shivinder singh  left  and malvinder singh   photo  ht

दिग्गज दवा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाइयों मलविंदर और शिविंदर सिंह को जापानी कंपनी दाइची सांक्यो केस में अवमानना का दोषी पाने पर 2019 में जेल जाना पड़ा था। दवा बनाने वाली दाइची सांक्यो ने 3,500 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर सिंह बंधुओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। फोर्ब्स ने 2015 में भारत के सबसे धनवानों की सूची में इन्हें एक-साथ 35वें नंबर पर रखा था। तब उनकी संपत्ति 2.5 अरब डॉलर आंकी गई थी।

2008 में शुरू हुई दोनों भाइयों की बर्बादी की कहानी

दोनों भाइयों की बर्बादी की कहानी साल 2008 में शुरू हुई, जब उन्होंने रैनबैक्सी में अपनी हिस्सेदारी जापान की कंपनी दाइची सांक्यो को 9,576 करोड़ रुपये में अपनी हिस्सेदारी बेच डाली। इससे मिले पैसों में से उन्होंने साल 2009-10 में 2,000 करोड़ रुपये कर्ज और टैक्स चुकाने में खर्च किए। वहीं, 1,700 करोड़ रुपये अपन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी रेलिगेयर में और 2,230 करोड़ रुपये अपने हॉस्पिटल चेन फोर्टिस में निवेश किया।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:6 billionaire industrialists now pauper including Anil Ambani VG Siddharth Naresh Goyal Rana Kapoor Malvinder Singh Shivinder Singh