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29 अगस्त, 2020|9:11|IST

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पेट्रोल-डीजल बिक्री लाइसेंस को 500 करोड़ नेटवर्थ जरूरी

petrol diesel pump   afp file photo

खुदरा व थोक ग्राहकों को पेट्रोल तथा डीजल की बिक्री के लिए उदारीकृत लाइसेंस हासिल करने के लिए कम से कम 500 करोड़ रुपये नेटवर्थ वाली इकाई ही पात्र होगी।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नवंबर 2019 की उदारीकृत लाइसेंस व्यवस्था पर एक वक्तव्य में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 250 करोड़ रुपये नेटवर्थ तक की इकाई या तो थोक या फिर केवल खुदरा ग्राहकों को ही पेट्रोल ओर डीजल की बिक्री का लाइसेंस प्राप्त कर सकती है।

सरकार के बयान में कहा गया है कि जो इकाइयां खुदरा और थोक दोनों ग्राहकों को ईंधन बिक्री का लाइसेंस चाहती हैं, उनका न्यूनतम नेटवर्थ आवेदन के समय 500 करोड़ रुपये होना चाहिए। पिछले साल सरकार ने गैर-तेल कंपनियों को इस कारोबार में उतरने की अनुमति देने को वाहन ईंधन के बिक्री कारोंबार के नियमों को उदार किया था। इससे निजी और विदेशी कंपनियों को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजार में उतरने में मदद मिलेगी।

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इससे पहले तक किसी कंपनी को भारत में ईंधन के खुदरा कारोबार के लिए लाइसेंस पाने के वास्ते हाइड्रोकॉर्बन खोज और उत्पादन, रिफाइनिंग, पाइलाइन या तरलीकृत गैस (एनएलजी) टर्मिनल में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की शर्त थी। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने 8 नवंबर 2019 को पेट्रोल और डीजल की थोक या खुदरा बिक्री के लिए अनुमति के सरल दिशा-निर्देशों को अधिसूचित किया।

बयान में कहा गया है कि कोई भी कंपनी जो पेट्रोल और डीजल की थोक या खुदरा बिक्री करना चाहती है उसका नेटवर्थ कम से कम 250 करोड़ रुपये होना चाहिए। वहीं जो इकाई थोक और खुदरा बिक्री दोनों करना चाहती है उसका नेटवर्थ कम से कम 500 करोड़ रुपये होना चाहिए। इस बारे में आवेदन तय फॉर्म में सीधे मंत्रालय को किया जा सकता है। खुदरा बिक्री के लिए इकाइयों को कम से कम 100 खुदरा बिक्री केन्द्र स्थापित करने होंगे।

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  • Web Title:500 crore net worth required for petrol and diesel sales license