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31 मार्च, 2020|3:09|IST

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ट्रंप-मोदी के बीच हैदराबाद हाउस वार्ता में हो सकती हैं ये 5 बातें

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सोमवार को एक मजबूत भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का वादा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्विपक्षीय संबंधों पर मंगलवार को वार्ता कर रहे हैं। ट्रंप हैदराबाद हाउस पहुंच गए हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्वीपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच कई समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर हैदराबाद हाउस में मोदी और ट्रप के बीच वार्ता में दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच "इतिहास के झिझक" पर काबू पा लिया जाएगा। मंगलवार की वार्ता में किन मुद्दों पर हो सकती है बात, आइए डालें इनपर एक नजर....

भारत के साथ 300 करोड़ की डिफेंस डील

1) नमस्ते ट्रम्प इवेंट के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि भारत के लोगों का सच्चा दोस्त है अमेरिका और भारत का खास दोस्त बना रहेगा। इतने शानदार स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं। इस दौरान ट्रम्प ने एलान किया अमेरिका भारत को एयर डिफेंस में सहयोग करेगा। मंगलवार को 300 करोड़ डॉलर की डील साइन हो सकती है। इसमें हेलिकॉप्टर डील, डिफेंस डील समेत अन्य समझौते शामिल हो सकते हैं। 

भारत-पाकिस्तान संबध

2) ट्रंप के अहमदाबाद भाषण पर ध्यान दें तो वह भारत-पाकिस्तान के बीच संबंधों का मुद्दा मोदी के साथ उठा सकते हैं। 2013 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक स्तर की वार्ता नहीं हुई है। पिछले साल तनाव तब बढ़ गया जब पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह के एक आत्मघाती हमलावर ने पुलवामा में विस्फोटकों से भरी एक कार को सीआरपीएफ के काफिले में घुसा दिया, जिससे 40 जवान शहीद हो गए थे। 29 फरवरी को तालिबान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अमेरिका के साथ, वाशिंगटन भारत को देखने के लिए उत्सुक होगा और पाकिस्तान किसी तरह की बातचीत शुरू कर सकता है। बता दें ट्रंप पहले भारत और पाकिस्तान के बीच कई बार मध्यस्थता की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन नई दिल्ली ने हर बार विनम्रता पर दृढ़ता से मना कर चुका है।

भारत-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग

3) अपने अहमदाबाद भाषण में डोनाल्ड ट्र्रंप ने लोकतांत्रिक भारत और उन देशों के बीच एक स्पष्ट अंतर बताया था जो जबरदस्ती, धमकी और आक्रामकता के माध्यम से खुद को एक महाशक्ति के रूप में दिखाना चाहते हैं। उनका इशारा चीन की तरफ था, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग सुदृढ़ होगा। चीन का उदय अमेरिका और भारत द्वारा एक आम रणनीतिक चुनौती के रूप में देखा जाता है, जबकि भारत की चीन के साथ एक अनसुलझी सीमा है और पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को संदेह की दृष्टि से देखता है। बीजिंग ने चीन की सैन्य और तकनीकी प्रगति को एक चुनौती के रूप में बताया। चीन के हुआवेई द्वारा विकसित 5 जी तकनीक ऐसा मामला है कि वाशिंगटन ने अपने सभी सहयोगियों को अस्वीकार करने की चेतावनी दी है। चीन की बेल्ट एंड रोड योजना को दोनों देश यह मानते हैं कि चीन इसके जरिए  दूसरे देशों को कर्ज के जाल में फंसाता है।

व्यापार सौदा

4) मंगलवार को मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत का एक प्रमुख विषय व्यापार सौदा के भी होने की उम्मीद है। भारत ने कहा है कि व्यापार अधिक संतुलित हो। अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ा रहा है और उससे यात्री विमान खरीदे। अमेरिकी वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस और भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मंगलवार को एक भारतीय उद्योग मंच को संबोधित करने वाले हैं।, ट्रम्प नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास द्वारा एक साथ रखे गए व्यापार जगत की हस्तियों को राउंड टेबल पर संबोधित करेंगे।

व्यापार सुगमता

5) अमेरिका और भारत के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर करने की संभावना है। ट्रम्प और मोदी के बीच वार्ता में व्यापार सुगमता से लेकर मातृभूमि सुरक्षा तक व अंतरिक्ष सहयोग पर भी समझौता हो सकता है।

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  • Web Title:5 Key things to watch out for at Hyderabad House talks between US India trump modi