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बिजनेसकोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन में वित्तीय संकट से बचने के 5 उपाय

लाइव मिंट,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Sun, 09 May 2021 10:20 AM
कोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन में वित्तीय संकट से बचने के 5 उपाय

कोरोना की दूसरी लहर पहले ज्यादा खतरनाक साबित हुई है। पिछली बार की तरह देश में संपूर्ण लॉकडाउन तो नहीं है, लेकिन अधिकतर राज्यों में बंदिशें जारी है।  यह सभी के लिए एक कठिन समय है। पिछली बार लाखों लोग बेरोजगार हुए और सैलरी में कटौती का सामना करना पड़ा। भगवान न करें इस बार भी वैसा ही हो पर हम कुछ खास बातों का ध्यान रखें और अच्छी प्लानिंग करें तो किसी भी वित्तीय संकट का हम डटकर मुकाबला कर सकते हैं।

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इमरजेंसी फंड: हर उम्र के लोग कम से कम छह माह खर्च के बराबर का इमरजेंसी फंड जरूर बना लें। क्योंकि समय बहुत अधिक अनिश्चित है। अब आप भविष्य के लिए कुछ भी बचाए बिना अपनी मंथली इनकम को पूरा खर्च नहीं कर सकते। पीसी फाइनेंशियल की वाइस प्रेसीडेंट इलिसा चौहान बताती हैं, " एक बात जो वर्तमान संकट ने हमें सिखाई है, वह है एक इमरजेंसी फंड । यह आपको कम से कम तीन से छह महीने तक घर चलाने में मदद करेगा। इसका मतलब है कि आपके पास भोजन, किराए और महीने के जरूरी बिल सहित आपके मूल जीवन-यापन के खर्चों का भुगतान करने में सक्षम होने के लिए पर्याप्त धन होना चाहिए।"

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बीमा: महामारी ने स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता पर लोगों का ध्यान खिंचा है, जो व्यापक कवरेज प्रदान करता है। इसमें स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजनाओं का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। 

अच्छा क्रेडिट स्कोर: संकट के इस समय में आपको अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाने और इसे बनाए रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह समय की आवश्यकता है। चौहान बताती हैं, "आपात स्थिति में, जब आपको नकदी की आवश्यकता होती है तो क्रेडिट स्कोर आपको प्री अप्रूव्ड लोन प्राप्त करने में मदद कर सकता है।"

पर्याप्त कैश: संकट काल में हाथ में रखा कैश ही काम आता है। जिस तरह की परिस्थितियों का जैसे कि हम अभी सामना कर रहे हैं, उसमें कैश की कमी आपको और मुसीबत में डाल सकती है। इसलिए, लोगों को अपने पैसे को ऐसे माध्यमों या साधनों में निवेश करना चाहिए जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर आसानी से कैश में बदला जा सके। जब आप बजट बनाना शुरू करें तो एक निश्चित रकम को अलग रखें, जिसकी आपको लॉकडाउन की स्थिति में आवश्यकता हो सकती है।

आय अनुपात के लिए ऋण: किराने का सामान, बिजली और पानी के बिल आदि पर खर्च करने के अलावा कुछ लोग वित्त, होम लोन, कार लोन और ईएमआई पर भी अपनी आय खर्च करते हैं।

आय अनुपात के लिए ऋण: किराने का सामान, बिजली और पानी के बिल आदि पर खर्च करने के अलावा कुछ लोग  होम लोन, कार लोन और ईएमआई पर भी अपनी आय खर्च करते हैं। चौहान ने कहा, "चूंकि मौजूदा समय अप्रत्याशित है, इसलिए अपनी वर्तमान आय के साथ  ऋण और आय अनुपात को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।" जैसा कि संकट की स्थिति अप्रत्याशित है, कोई भी उनके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हो सकता है, लेकिन इन छोटे कदमों का पालन करने से मुश्किल समय से बच सकते हैं।

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