कोरोना संकट में 42 करोड़ गरीबों को मिली 53,248 करोड़ रुपये की सहायता
मुख्य बातें
- 1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 42 करोड़ गरीबों को 53,248 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिल चुकी है
- वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस पैकेज के हिस्से के रूप में सरकार ने..
1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 42 करोड़ गरीबों को 53,248 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिल चुकी है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस पैकेज के हिस्से के रूप में सरकार ने महिलाओं, गरीब, वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को मुफ्त अनाज व नकद भुगतान किया। वहीं वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहले ही 100% आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत 10,361.75 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दे दी है। इसमें से 3,892.78 करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
2 जून तक इन योजनाओं से इतने लोगों को मिला लाभ
| योजना | लाभार्थियों की संख्या | कुल रकम (रुपये) |
| जनधन | पहली किस्त 20.05 करोड़ (98.3%) | 10029 करोड़ |
| दूसरी किस्त 20.63 करोड़ | 10315 करोड़ | |
| NSAP (विधवा, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक) | 2.81 करोड़ | पहली किस्त 1407 करोड़, दूसरी किस्त 1407 करोड़ |
| PM-KISAN | 8.19 करोड़ | 16394 करोड़ |
| निर्माण कार्य में लगे श्रमिक सहायता | 2.3 करोड़ | 4313 करोड़ |
| 24% contribution to EPFO | 59 लाख | 895 करोड़ |
| उज्ज्वला | पहली किस्त 7.48 करोड़, दूसरी किस्त 4.48 करोड़ | 8488करोड़ |
स्रोत: PIB
एमएसएमई को 3,893 करोड़ रुपये का कर्ज दिया
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित एमएसएमई क्षेत्र को इस महीने के पहले दो दिन में तीन लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 3,893 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। इस बीच पीएसबी ने एक जून से 100 प्रतिशत ईसीएलजीएस के तहत 10,361.75 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी। यह योजना पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान राहत पैकेज का सबसे बड़ा राजकोषीय घटक है।
As part of Rs 1.70 lakh crore Pradhan Mantri Garib Kalyan Package, Government announced free food grains&cash payment to women&poor senior citizens&farmers. Around 42 crore poor people received financial assistance of Rs 53,248 crore under PMGKP: Ministry of Finance pic.twitter.com/JKqsrAOkGc
बता दें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम - किसान) के तहत 8.19 करोड़ लाभार्थियों को पांच मई 2020 तक पहली किस्त के तौर पर कुल 16,394 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इन के खातों में सीधे 2,000 रुपये की वित्तीय मदद पहुंचायी गई। इसी तरह 20.05 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में 500 रुपये की पहली किस्त के तौर पर 10,025 करोड़ रुपए भेजे गए। इसमें से करीब 8.72 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों ने खातों से निकासी भी की। वहीं 5.57 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में दूसरी किस्त के तौर पर कुल 2,785 करोड़ रुपए भेजे गए।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


