DA Image
25 सितम्बर, 2020|10:22|IST

अगली स्टोरी

2000 रुपये के नोट को लेकर रिजर्व बैंक ने कही ये बात

गाहे बेगाहे सोशल मीडिया पर 2000 के नोट बंद होने की अफवाहें फैलती रहती हैं। कहा गया था कि सरकार अब 2 हजार के नोटों को धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर करने की तैयारी में हैं। खबर ये भी आई थी कि सभी बैंकों ने ATM में 2000 के नोट को नहीं डालने का फैसला लिया है। इन सब के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 में दो हजार रुपये के नए नोटों की छपाई नहीं की गई और  इस दौरान दो हजार के नोटों का प्रसार भी कम हुआ है। 

प्रचलन में केवल 2.4 प्रतिशत रह गया हिस्सा

केंद्रीय बैंक की 2019-20 की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2018 के अंत में दो हजार के 33,632 लाख नोट प्रचलन में थे यह संख्या मार्च 2019 के अंत में घटकर 32,910 और मार्च 2020 के आखिर  में और घटकर 27,398 लाख रह गई।  रिपोर्ट के अनुसार, प्रचलन में कुल मुद्राओं में 2000 के नोट का हिस्सा मार्च, 2020 के अंत तक घटकर 2.4 प्रतिशत रह गया। यह मार्च, 2019 के अंत में तीन प्रतिशत तथा मार्च, 2018 के अंत में 3.3 प्रतिशत था।

500 और 200 रुपये के नोट लोगों की पहली पसंद

money

आंकड़ों के अनुसार दो हजार के नोटों की हिस्सेदारी मार्च, 2020 तक प्रचलन में मौजूद कुल नोटों में घटकर 22.6 प्रतिशत रह गयी। मार्च, 2019 के अंत में यह 31.2 प्रतिशत और मार्च, 2018 के अंत में 37.3 प्रतिशत थी।  रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान 500 और 200 रुपये के नोटों के प्रचलन में उल्लेखनीय वृदि हुई । मूल्य और संख्या दोनों के लिहाज से 500 और 200 रुपये के नोट का प्रसार बढ़ा ।

यह भी पढ़ें: नए सुरक्षा फीचर से साथ फिर आएगा एक रुपये का नया नोट, कीमत से ज्यादा है इसकी लागत

रिपोर्ट में बताया गया कि 2019-20 में दो हजार के करेंसी नोट की छपाई के लिए कोई ऑर्डर नहीं दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) तथा सिक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एसपीएमसीआईएल) की ओर से दो हजार के नोट की कोई नई आपूर्ति नहीं की गई। समाप्त वित्त वर्ष में बैंक नोटों के लिए ऑर्डर एक साल पहले की तुलना में 13.1 प्रतिशत कम थे।

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार से सस्ता सोना खरीदने का आखिरी मौका, जानें कब, कहां, कैसे और किस कीमत पर मिलेगा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 

रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में बैंक नोटों की आपूर्ति भी एक साल की तुलना में 23.3 प्रतिशत कम रही। इसकी मुख्य वजह कोविड-19 महामारी और उसके चलते लागू लॉकडाउन को बताया गया है। वर्ष 2019-20 में 500 के 1,463 करोड़ नोटों की छपाई का ऑर्डर दिया गया जबकि आपूर्ति 1,200 करोड़ की ही हुई। इससे पहले 2018-19 में 1,169 करोड़ नोटों की छपाई के ऑर्डर और आपूर्ति 1,147 करोड़ नोटों की थी।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:2000 rupee currency latest news Reserve Bank said about this note