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28 अक्तूबर, 2020|8:34|IST

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कोरोना काल में शेयर बाजार को लगे 13 बड़े झटके

a man reacts as he looks at a screen displaying the sensex results on the facade of the bombay stock

खराब ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में इस महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। 18 मई के बाद निफ्टी में इंट्रा-डे में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। HSBC 80 million डॉलर की पोंजी स्कीम के आरोप में फंसने की खबर के बाद ग्लोबल मार्केट्स में तेज गिरावट देखने को मिली है। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा। आज निफ्टी 254 अंक गिरकर 11,251 पर बंद हुआ। वहीं, । सेंसेक्स 812 अंक गिरकर 38,034 पर बंद हुआ है। कोरोना की वजह से इस साल कई बार सोमवार 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ। आइए जानें इस साल की अब तक की बड़ी गिरावटों के बारे में...

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इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट

23 मार्च 2020। तब दुनियाभर में कोरोना के केवल 3 लाख मामले सामने आए थे और 13 हजार लोगों की मौत हो चुकी थी। इस आंकड़े के बाद ग्लोबल मार्केट में कोहराम मच गया जिसकी वजह से भारतीय शेयर बाजार में सुनामी आ गई। सेंसेक्स 3934 अंक का गोता लगाकर 25,981.24 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 1110 अंक डूब कर 7634 के स्तर पर।

इस साल की 13 बड़ी गिरावट

तारीख सेंसेक्स में गिरावट
23 मार्च 2020 3,934
12 मार्च 2020 2919
16 मार्च 2020 2713
4 मई 2020 2,002
9 मार्च 2020 1941
18 मार्च 2020 1709
28 फरवरी 2020 1448
18 मई 2020 1068
1 फरवरी 2020 988
6 मार्च 2020 894
21 सितंबर 2020 811
6 जनवरी 2020 764
20 जनवरी2020 735

16 मार्च को हुई थी 8वीं बड़ी गिरावट

इस साल घरेलू शेयर बाजार के लिए एक 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ 16 मार्च का दिन। इससे पहले 9 मार्च को बाजार ने ऐतिहासिक गिरावट देखी थी। पिछले सोमवार को बजार ने एक दिन में इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे की 2467 अंकों की गिरावट देखी। 16 मार्च को सेंसेक्स ने जहां 2713.41 अंकों का गोता लगाया तो वहीं निफ्टी भी 757.80 अंक टूट गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 31,390.07 के स्तर पर बंद हुआ और निफ्टी 9,197.40  के स्तर पर। शेयर बाजार में इस साल की यह 8वीं बड़ी और दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है।  

12 मार्च को शेयर बाजार में आई थी महामारी

12 मार्च 2020: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कोरोना को विश्वव्यापी महामारी घोषित करने के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में भूचाल आ गया। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2919 अंक गोता लगाने के बाद 32,778.14 के स्तर पर बंद हुआ। यह 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 825 अंकों के भारी नुकसान के साथ 9,633.10 के स्तर पर बंद हुआ। 

नौ मार्च बना काला सोमवार

सेंसेक्स ने एक दिन में इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे की 2467 अंकों की गिरावट देखी। बाद में सेंसेक्स 5.17% यानी 1941 अंक नीचे गिरकर 35,634 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 538 अंकों की गिरावट आई और यह 10,451 के स्तर पर बंद हुआ। 

28 फरवरी को 1,448अंक टूटा था सेंसेक्स

फरवरी के अंतिम कारोबारी दिन को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,448.37 अंक टूटकर 38,297.29 के  स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 431.55 अंक टूटकर 11,201.75 के स्तर पर बंद हुआ। यह इस साल की सबसे बड़ी गिरावट है। 

नए वित्त वर्ष के पहले दिन बड़ी गिरावट

एक अप्रैल 2020 को 1203 अंक टूटकर 28,265.31 के स्तर पर बंद हुआ। नए वित्त वर्ष के स्वागत में निफ्टी भी  343.95 अंक के नुकसान से 8,253.80 अंक पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 36 अंकों की गिरावट के साथ खुला था। 

18 मार्च 2020

करीब 500 अंकों की उछाल के साथ खुला सेंसेक्स कारोबार के अंत में 1709.58 अंक लुढ़क कर 28,869.51 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी निफ्टी 150.45 अंक उछलने के बाद धड़ाम हो गया। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से घरेलू शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। सेंसेक्स एक समय करीब 2000 अंक तक टूट गया था, लेकिन बाद में थोड़ा संभलने के बाद इस साल की नौवीं बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। 

बजट के दिन 987 अंक टूटा था सेंसेक्‍स

इससे पहले इस साल एक फरवरी को बजट के दिन सेंसेक्‍स ने 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी थी। कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 987.96 अंक या 2.43 फीसदी के नुकसान से 39,735.53 अंक पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 300.25 अंक या 2.51 फीसदी टूटकर 11,661.85 अंक पर आ गया था। 

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  • Web Title:13 big falls in Sensex year 2020 Share market in Corona era