IT स्टॉक्स में तेजी का तूफान: इंफोसिस, TCS, HCL टेक समेत अधिकतर शेयर भर रहे उड़ान
IT Stocks: इंफोसिस में 3.54 प्रतिशत की तेजी थी। एचसीएल टेक, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। वहीं, कोफोर्ज, विप्रो, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री के शेयरों में भी 1-2 प्रतिशत के बीच तेजी रही।

IT Stocks: भारतीय आईटी शेयरों में आज जबरदस्त उछाल देखने को मिली। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख रही है, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स में कारोबारी सत्र के दौरान 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती दर्ज की गई। बता दें कि पिछले कुछ समय से आईटी सेक्टर इस चिंता के कारण दबाव में था कि AI इस क्षेत्र में बाधा उत्पन्न कर सकती है और सॉफ्टवेयर उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकती है।
निफ्टी आईटी इंडेक्स आज 2.3 प्रतिशत तक चढ़ गया और इसमें शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रेह थे। इंफोसिस में 3.54 प्रतिशत की तेजी थी। एचसीएल टेक, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। वहीं, कोफोर्ज, विप्रो, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री के शेयरों में भी 1-2 प्रतिशत के बीच तेजी रही।
यह तेजी ऐसे समय में आई है जब इस इंडेक्स ने पिछले एक महीने में 15 प्रतिशत का नुकसान झेला था और दिसंबर 2025 में बने अपने रिकॉर्ड हाई 41,530.3 से 21 प्रतिशत तक गिर गया था।
निवेश के लिए कौन से आईटी स्टॉक हैं बेहतर?
निवेश के नजरिए से देखें तो आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने चुनिंदा रूप से सकारात्मक रुख बनाए रखा है। वे उन कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके पास मजबूत एआई क्षमताएं हैं, वे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में शामिल हैं और उनके पास बेहतर डील पाइपलाइन है।
उनकी पसंदीदा कंपनियों में टीसीएस, एलटीआईमाइंडट्री और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स शामिल हैं। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स को उसकी मजबूत विकास संभावनाओं, एआई-नेतृत्व वाली सेवाओं में क्षमता और ऐतिहासिक औसत के मुकाबले आकर्षक मूल्यांकन के लिए खासतौर पर चुना गया है। ब्रोकरेज डिजिटल प्लेटफॉर्म और एनालिटिक्स-आधारित व्यवसायों जैसे अफ्ले और लेटेंटव्यू एनालिटिक्स में भी अवसर देख रही है। वहीं, सिटी का झुकाव इंफोसिस और एचसीएलटेक की ओर है। नोमुरा लार्ज-कैप में इंफोसिस, मिड-कैप स्पेस में कोफोर्ज और स्मॉल कैप श्रेणी में ईक्लर्क्स को पसंद करती है।
क्यों उठ रहे थे आईटी सेक्टर को लेकर सवाल?
निवेशकों का भरोसा तब डगमगा गया था, जब एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉउड चैटबॉट के लिए कानूनी मामलों पर केंद्रित एक एआई टूल लॉन्च किया। इस कदम से यह डर पैदा हो गया कि एआई-बेस्ड सॉल्यूशन पारंपरिक सॉफ्टवेयर और सर्विस मॉडल को बाधित कर सकते हैं। इससे प्रवेश में बाधाएं कम होंगी और प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। इसके अलावा, इस उम्मीद ने भी सेक्टर पर दबाव डाला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में लंबे समय तक कोई बदलाव नहीं कर सकता है।
ब्रोकरेज फर्मों का क्या है कहना?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए आईटी शेयरों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। कई वैश्विक और घरेलू ब्रोकरेज फर्मों ने इस सेक्टर पर अपना नजरिया पेश किया है। आइए जानते हैं उनका क्या कहना है और वे निवेशकों को क्या सलाह दे रहे हैं।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट की राय
घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट का मानना है कि आईटी सेक्टर इन दिनों एक संरचनात्मक बदवाल से गुजर रहा है। यह बदलाव एआई के बढ़ते इस्तेमाल, कार्यबल में कमी, उत्पादकता में बदलाव और व्यापक मूल्यांकन पुनर्समायोजन की वजह से हो रहा है। हालांकि, ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि हालिया गिरावट का स्तर ऐतिहासिक औसत के करीब है, मूल्यांकन अब दीर्घकालिक मानकों से नीचे आ गए हैं, और चुनिंदा स्टॉक्स में निवेश की स्थिति अब भी रचनात्मक बनी हुई है।
आगे का रुख देखते हुए, आईसीआईसीआई डायरेक्ट का कहना है कि फोकस एआई क्षमता निर्माण, डिजिटल सेवाओं में मजबूती और बैलेंस शीट की लचीलापन पर रहेगा। जो निवेशक जोखिम उठाने को तैयार हैं, उनके लिए ब्रोकरेज ने अगले कुछ तिमाहियों में आईटी ईटीएफ के माध्यम से क्रमिक निवेश का सुझाव दिया है। इसकी वजह यह है कि कीमतों में गिरावट ऐतिहासिक परिपक्वता के करीब पहुंच रही है, समय के हिसाब से सुधार भी लंबी अवधि के औसत के करीब है और मूल्यांकन अब सहायक स्तर पर आ गए हैं।
नोमुरा क्या मानता है
वहीं, ग्लोबल ब्रोकरेज नोमुरा का मानना है कि कहना है कि नियामकीय, अनुपालन और परिचालन चुनौतियों के कारण टेक्नोलॉजी अपनाने के साइकिल आमतौर पर धीमे होते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आईटी सर्विस कंपनियों ने ऐतिहासिक रूप से संरचनात्मक बदलावों को अच्छी तरह अपनाया है।
सिटी ने सतर्क रुख अपनाया
दूसरी ओर, सिटी ने सतर्क रुख अपनाया है। उसका कहना है कि एआई के कारण पैदा हो रहा व्यवधान, घरेलू संस्थागत निवेशकों की हल्की स्थिति के साथ मिलकर, वैल्यूएशन प्रीमियम में कमी ला सकता है। ब्रोकरेज ने अनिश्चित मांग के माहौल, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के तेजी से विस्तार से उत्पन्न जोखिमों की ओर इशारा किया है, जिससे टेक्नोलॉजी का काम तेजी से घर के अंदर ही किए जाने की संभावना बढ़ सकती है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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