
3 दिन की गिरावट के बाद 10% उछला यह शेयर, वेनेजुएला फैक्टर का है असर
शेयरों में आई कमजोरी की मुख्य वजह मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड प्रबंधन की एक टिप्पणी थी। प्रबंधन ने कहा गया था कि MRPL पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते रूसी कच्चे तेल का आयात नहीं कर रही है और वैकल्पिक तौर पर वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की संभावनाएं तलाश रही है।
MRPL share price: शेयर बाजार में बिकवाली के बीच बुधवार को मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया। एनएसई पर इंट्रा-डे के दौरान शेयर करीब 10% तक चढ़कर 155.10 रुपये तक पहुंच गया। शेयर में यह तेजी लगातार तीन कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद आई है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 185 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 98.95 रुपये है।
शेयर में क्यों आई थी गिरावट
बीते दिनों शेयरों में आई कमजोरी की मुख्य वजह मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड प्रबंधन की एक टिप्पणी थी। प्रबंधन ने कहा गया था कि MRPL पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते रूसी कच्चे तेल का आयात नहीं कर रही है और वैकल्पिक तौर पर वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की संभावनाएं तलाश रही है। इस बयान के बाद बाजार में अस्थिरता बढ़ी थी। कंपनी के वित्त प्रमुख देवेंद्र कुमार ने एक एनालिस्ट कॉल के दौरान स्पष्ट किया कि MRPL सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी लागू प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कर रहे हैं और फिलहाल रूसी कच्चे तेल का कोई आयात नहीं किया जा रहा है। कंपनी वेनेजुएला समेत अन्य स्रोतों से कच्चा तेल खरीदने के विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित बनी रहे।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 1451 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 309 करोड़ रुपये से लगभग पांच गुना अधिक है। वहीं, कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर बढ़कर 24,750 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, पहले 21,904 करोड़ रुपये था।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर के पास 88.58 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग की बात करें तो 11.42 फीसदी की है।





