
Stock Market Holiday: कल बुधवार को बंद रहेंगे शेयर बाजार, बैंकों में भी रहेगी छुट्टी, जानिए क्यों
एक्सचेंज द्वारा जारी अवकाश कैलेंडर के अनुसार, 5 नवम्बर को इक्विटी, डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) और करेंसी डेरिवेटिव्स से जुड़े सभी लेन-देन नहीं होंगे। यानी निवेशक इस दिन किसी भी तरह के ट्रेडिंग ऑर्डर नहीं दे पाएंगे।
Stock Market Holiday: देशभर में बुधवार, 5 नवम्बर 2025 को गुरु नानक जयंती (गुरुपुरब) के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे। इस दिन देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बीएसई (BSE) पर सभी प्रकार के कारोबार स्थगित रहेंगे। एक्सचेंज द्वारा जारी अवकाश कैलेंडर के अनुसार, 5 नवम्बर को इक्विटी, डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) और करेंसी डेरिवेटिव्स से जुड़े सभी लेन-देन नहीं होंगे। यानी निवेशक इस दिन किसी भी तरह के ट्रेडिंग ऑर्डर नहीं दे पाएंगे।

अगला अवकाश क्रिसमस पर
एनएसई की अवकाश सूची के मुताबिक, अगला ट्रेडिंग हॉलिडे 25 दिसम्बर (क्रिसमस) को पड़ेगा। इसके बाद बाजार दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
2025 में कुल 14 शेयर बाजार अवकाश
वर्ष 2025 के लिए एनएसई और बीएसई ने कुल 14 दिन के बाजार अवकाश घोषित किए हैं। इसमें साप्ताहिक छुट्टियां यानी शनिवार और रविवार शामिल नहीं हैं। इसके अलावा यदि किसी विशेष राज्य में क्षेत्रीय त्योहारों के कारण बैंक या अन्य संस्थान बंद रहते हैं, तो उसका असर सीमित स्तर पर बाजार गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
बैंक भी रहेंगे बंद
गुरु नानक जयंती के अवसर पर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में बैंक भी बंद रहेंगे। हालांकि, यह अवकाश राज्यवार तय किया गया है, इसलिए सभी जगह बैंकिंग सेवाएं एक साथ प्रभावित नहीं होंगी। ग्राहक आवश्यक सेवाओं के लिए नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का उपयोग कर सकेंगे।
गुरु नानक जयंती का महत्व
गुरु नानक देव जी, सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक थे। उनका जन्म दिवस गुरुपुरब के रूप में देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन पड़ता है, जो आमतौर पर नवंबर महीने में आती है। इस दिन देशभर के गुरुद्वारों में प्रभात फेरी, कीर्तन, लंगर सेवा और शोभायात्रा आयोजित की जाती हैं। गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में समानता, सेवा, शांति और भक्ति का संदेश दिया था। यही कारण है कि गुरु नानक जयंती केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए प्रेरणा का पर्व बन चुकी है।





