एक बार फिर भरभराया शेयर बाजार, ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, क्या हैं गिरावट के फैक्टर

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को शेयर बाजार में भूचाल सा मच गया
  • इस हाहाकार की वजह से निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये कम हो गई
share market crash

बीते सोमवार को मजबूत बढ़त के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार सा मच गया। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बीएसई का सेंसेक्स 893.39 अंक (1.16 प्रतिशत) लुढ़ककर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत नीचे 23,824.10 अंक पर रहा। यह दोनों इंडेक्स का 12 जून के बाद का निचला स्तर है।

6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

बाजार में इस बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। जबरदस्त बिकवाली के कारण BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹480.6 लाख करोड़ से घटकर ₹475 लाख करोड़ से नीचे आ गया, जिससे निवेशकों को एक ही दिन में लगभग ₹6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। विश्लेषकों के अनुसार बाजार में गिरावट का मुख्य कारण मुनाफावसूली, कमजोर ग्लोबल सेंटिमेंट और घरेलू आर्थिक आंकड़ों को लेकर बढ़ती चिंता रही। आइए डिटेल में समझ लेते हैं कि आखिर वो कौन से कारण थे, जिस वजह से बाजार में हाहाकार सा मच गया।

- कमजोर मॉनसून और बिजनेस से जुड़े कमजोर आंकड़ों की चिंताओं के कारण हुई मुनाफावसूली से शेयर बाजार में गिरावट आई। बता दें कि जून में भारत की सर्विस सेक्टर की गतिविधियां 17 महीने के निचले स्तर पर आ गईं जबकि मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की रफ्तार भी सुस्त रही अैर धीमी होकर तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।

- एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में आई भारी गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। कोस्पी में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक निवेश धारणा कमजोर हुई।

- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आने वाले समय में महंगाई को काबू करने के लिए कठोर उपायों की आशंका में आज दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट रही। भारतीय शेयर बाजारों पर भी उसी का असर देखा गया, विशेषकर आईटी सेक्टर की कंपनियों में बिकवाली अधिक रही।

- पिछले हफ्ते की जबरदस्त बिकवाली के बाद आईटी कंपनियों के शेयर में सोमवार को थोड़ी राहत मिली थी लेकिन मंगलवार को IT शेयरों पर फिर से दबाव बढ़ गया। AI से होने वाले बदलाव और टेक्नोलॉजी पर खर्च में कमी की चिंताओं के बीच TCS, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल के शेयरों में कम से कम 3.5% की गिरावट आई। Nifty IT इंडेक्स 2% से अधिक गिरकर बंद हुआ।

-मंगलवार को भारतीय रुपया थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। US ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के कारण डॉलर प्रमुख मुद्राओं की बास्केट के मुकाबले एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जिससे एशियाई मुद्राओं पर दबाव पड़ा और ग्लोबल इक्विटी मार्केट में सेंटीमेंट कमजोर हुआ। घरेलू मुद्रा US डॉलर के मुकाबले 94.7350 पर बंद हुई, जो पिछले बंद भाव 94.6775 से 0.1% कम है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar

हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़एक बार फिर भरभराया शेयर बाजार, ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, क्या हैं गिरावट के फैक्टर