30% तक क्रैश होगा सेंसेक्स, 18000 अंक पर निफ्टी…एक्सपर्ट का अनुमान
कमजोर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली और AI डिसरप्शन के डर ने बाजार की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये नकारात्मक फैक्टर बने रहते हैं तो आने वाले 1–2 साल में भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट आ सकती है।

Stock market crash: बीते शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ तो निफ्टी भी क्रैश हो गया। वहीं, एक्सपर्ट का मानना है कि FY27 के अंत तक भारतीय बाजारों में करीब 30% तक करेक्शन संभव है। अगर ऐसा हुआ तो सेंसेक्स 60,000 के आसपास और निफ्टी 18,000 के स्तर तक आ सकता है।
क्या कहा एक्सपर्ट ने?
कमजोर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली और AI डिसरप्शन के डर ने बाजार की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये नकारात्मक फैक्टर बने रहते हैं तो आने वाले 1–2 साल में भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट आ सकती है। PACE 360 के मुख्य वैश्विक रणनीतिकार अमित गोयल ने शेयर बाजार में शुक्रवार को हुई भारी गिरावट को गंभीरता से लेने की सलाह देते हुए कहा कि अगर अमेरिका में मंदी के संकेत और मजबूत होते हैं तो टेंशन बढ़ सकती है।
विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल सकते हैं। अमित गोयल के अनुसार, अगर अमेरिकी मंदी आती है तो FY27 के अंत तक भारतीय बाजारों में करीब 30% तक करेक्शन संभव है। ऐसे में सेंसेक्स 60,000 के आसपास और निफ्टी 18,000 के स्तर तक आ सकता है।
मंदी का है डर
अमित गोयल की बातों को ही आगे बढ़ाते हुए सेबी-रजिस्टर्ड बाजार विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने कहा कि महंगाई का खतरा, कम मांग, कंपनियों की कम कमाई, नौकरी जाने का डर आदि जैसे मंदी के लक्षण अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पहले से ही मंडरा रहे हैं। अब एआई के इस व्यवधान ने मंदी की आशंकाओं को फिर से बढ़ा दिया है। यदि इसका प्रभाव और भी बढ़ता है तो मांग और रोजगार सृजन को प्रभावित कर सकता है।
शुक्रवार को निवेशकों को कितना नुकसान
शेयर बाजार में शुक्रवार को आई भारी गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में 7.02 लाख करोड़ रुपये घट गई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,140.37 अंक (1.36 प्रतिशत) टूटकर दिन के निचले स्तर 82,534.55 तक चला गया था।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 7,02,017.71 करोड़ रुपये घटकर 4,65,46,643.20 करोड़ रुपये (लगभग 5.13 हजार अरब अमेरिकी डॉलर) रह गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयर निवेशकों की संपत्ति में कुल 9,52,648.51 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 7,395.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,553.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।





