SpiceJet Crisis: कर्ज और केस के बीच फंसी ये एयरलाइन कंपनी, क्या डूब जाएगी? कोर्ट में चौंकाने वाला बयान
SpiceJet Crisis: स्पाइसजेट (spicejet) इस समय गंभीर वित्तीय और कानूनी दबाव में है। कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा है कि ₹144.5 करोड़ जमा करने की स्थिति में उसका ऑपरेशन प्रभावित हो सकता है और वह तबाह तक कर सकती है।

SpiceJet Crisis: एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (spicejet) इस समय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है और उसने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में साफ कहा है कि अगर उसे तुरंत ₹144.5 करोड़ जमा करने के लिए मजबूर किया गया, तो कंपनी कॉलप्स (Collapse) यानी पूरी तरह से तबाह हो सकती है। यह मामला कंपनी और कलानिथी मरन (Kalanithi Maran) की कंपनी काल एयरवेज (KAL Airways) के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। बता दें कि 2015 में हिस्सेदारी ट्रांसफर के बाद पैसों को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो अब तक कोर्ट में चल रहा है।
कंपनी के कैश फ्लो पर भारी दबाव
स्पाइसजेट (Spicejet) का कहना है कि उसकी हालत पहले से ही खराब है। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं, खासकर गल्फ देशों के रूट पर और ऊपर से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ने से खर्च और बढ़ गया है। ऐसे में कंपनी के कैश फ्लो पर भारी दबाव है।
कंपनी ने कोर्ट से मांगी राहत
कंपनी ने कोर्ट से राहत मांगते हुए कहा कि वह कैश देने के बजाय गुरुग्राम की एक कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को सिक्योरिटी के तौर पर देने को तैयार है, लेकिन अभी तुरंत पैसे जमा करना उसके लिए मुश्किल है।
किस पर पड़ेगा असर?
इस पूरे मामले में कोर्ट ने फिलहाल सुनवाई टाल दी है, लेकिन अगर स्पाइसजेट (spicejet) को राहत नहीं मिलती, तो इसका असर सिर्फ कंपनी पर ही नहीं बल्कि यात्रियों, कर्मचारियों और पूरे एविएशन सेक्टर पर भी पड़ सकता है।
राहत पैकेज की उम्मीद
कंपनी को उम्मीद है कि सरकार भी जल्द किसी राहत पैकेज के जरिए एयरलाइंस सेक्टर को सहारा दे सकती है। स्पाइसजेट (spicejet) के सामने इस समय कानूनी दबाव, बढ़ता खर्च और कमजोर वित्तीय स्थिति तीनों मिलकर बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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