SpiceJet को बड़ी राहत! ₹60 करोड़ का विवाद सुलझा, लेकिन NCLT ने 8 मामलों पर क्यों टाला फैसला?
मुख्य बातें
- SpiceJet ने विमान लीज कंपनी Aviator ML के साथ करीब ₹60 करोड़ का विवाद सुलझा लिया है
- हालांकि, अन्य विमान lessors के विरोध के बाद NCLT ने SpiceJet के खिलाफ 8 मामलों पर फैसला टाल दिया है
- इन मामलों में ₹500 करोड़ से अधिक के दावे हैं

स्पाइसजेट (SpiceJet) के लिए सोमवार का दिन कानूनी मोर्चे पर काफी अहम रहा। एयरलाइन ने एयरक्राफ्ट लीजर (Aircraft Lessor) एविएटर ML के साथ करीब ₹60 करोड़ के भुगतान विवाद को सुलझाने का दावा किया, लेकिन इसके बावजूद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने एयरलाइन के खिलाफ दायर 8 दिवालिया याचिकाओं पर अपना फैसला टाल दिया। दरअसल, अन्य विमान पट्टेदारों ने इस समझौते का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि क्या एक ही कंपनी के साथ समझौता करके स्पाइसजेट (SpiceJet) बाकी 8 मामलों में दिवालिया कार्यवाही को रोकने की कोशिश कर रही है। इन मामलों में विमान पट्टेदारों की ओर से कुल ₹500 करोड़ से ज्यादा के बकाये का दावा किया गया है। यही वजह है कि मामले ने स्पाइसजेट (SpiceJet) के सामने मौजूद वित्तीय और कानूनी चुनौतियों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
सोमवार को NCLT में सुनवाई के दौरान स्पाइसजेट (SpiceJet) ने बताया कि एविएटर ML के साथ रातोंरात एक समझौता हो गया है और समझौते के तहत भुगतान की पहली किस्त भी की जा चुकी है। एविएटर ML का मामला करीब ₹60 करोड़ के कथित डिफॉल्ट से जुड़ा है। यह रकम उस Boeing 737 विमान से संबंधित है, जिसे एविएटर ML ने स्पाइसजेट (SpiceJet) को लीज पर दिया था। एयरलाइन और एयरक्रॉफ्ट लेजर के बीच भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्पाइसजेट (SpiceJet) को उम्मीद थी कि इस समझौते से उसके खिलाफ चल रही दिवालिया कार्यवाही के खतरे को कम किया जा सकेगा। हालांकि, अन्य पट्टेदारों ने इस कदम को स्वीकार नहीं किया और अदालत के सामने इसका जोरदार विरोध किया।
अन्य विमान पट्टेदारों ने NCLT में तर्क दिया कि स्पाइसजेट (SpiceJet) ने जानबूझकर अंतिम आदेश आने से ठीक पहले एविएटर ML के साथ समझौता किया। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य एक क्रेडिएटर यानी कर्जदाता को भुगतान करके बाकी मामलों में भी दिवालिया प्रक्रिया को रोकना है। पट्टेदारों ने इस रणनीति को “buy one and get eight free” जैसा बताया। उनका आरोप था कि अगर एक मामले में समझौते के आधार पर बाकी सभी मामलों को प्रभावित किया गया, तो इससे अन्य क्रेडिएटर्स के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। 8 अलग-अलग दिवालियापन की याचिकाएं में शामिल दावों की कुल रकम ₹500 करोड़ से अधिक बताई गई है, जिससे स्पाइसजेट (SpiceJet) के सामने मौजूद वित्तीय दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
NCLT ने भी स्पाइसजेट (SpiceJet) के कदम पर नाराजगी जताई। ट्रिब्यूनल ने कहा कि एयरलाइन को विवाद सुलझाने के लिए पहले भी कई मौके दिए गए थे और यह मामला करीब दो साल से चल रहा है। ऐसे में जिस दिन अंतिम आदेश सुनाया जाना था, उसी समय समझौते की जानकारी देना अदालत के लिए चिंता का विषय है। NCLT ने एविएटर ML मामले में अपना फैसला 19 अगस्त तक टाल दिया है। चूंकि एविएटर ML का मामला अन्य विमान पट्टेदारों के दावों से जुड़ा हुआ है, इसलिए बाकी सात मामलों में भी फैसला फिलहाल टाल दिया गया। इसका मतलब है कि स्पाइसजेट (SpiceJet) को तत्काल राहत मिलने के बजाय अब अगले आदेश तक इंतजार करना होगा।
NCLT के सामने स्पाइसजेट (SpiceJet) के खिलाफ कुल 8 दिवालियापन की याचिकाएं (insolvency petitions) दायर की गई हैं। इनमें साबरमती एविएशन (Sabarmati Aviation), जेटएयर 17 (JetAir 17), फाल्गु एविएशन (Falgu Aviation), अल्टेर्ना एयरक्राफ्ट (Alterna Aircraft), एविएटर ML और AWAS आयरलैंड जैसे विमान पट्टेदार शामिल हैं। इन कंपनियों ने IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत याचिकाएं दाखिल की हैं। इनका आरोप है कि स्पाइसजेट ने विमान लीज से जुड़े भुगतान, मेंटेनेंस और अन्य contractual obligations को पूरा नहीं किया है। यदि इन मामलों में एयरलाइन के खिलाफ insolvency proceedings शुरू होती हैं, तो कंपनी पर वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है।
Aviator ML की याचिका विशेष रूप से करीब ₹60 करोड़ के कथित भुगतान डिफॉल्ट से जुड़ी है। NCLT ने इस मामले में पहले 29 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था और जल्द ही आदेश आने की उम्मीद थी। सुनवाई करने वाले सदस्यों में से एक के रिटायर होने की बात भी सामने आई थी। अब समझौते के बाद अदालत ने मामले को 19 अगस्त तक टाल दिया है। इस बीच, अन्य creditors के दावों के कारण पूरे मामले की तस्वीर और जटिल हो गई है।
SpiceJet पहले भी विमान पट्टेदारों और अन्य creditors के साथ भुगतान को लेकर कई कानूनी विवादों का सामना कर चुकी है। एयरलाइन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उसे एक तरफ परिचालन को मजबूत करना है और दूसरी तरफ पुराने बकाये तथा कानूनी मामलों का समाधान करना है। Aviator ML के साथ ₹60 करोड़ का समझौता निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है, लेकिन इससे बाकी सभी दावों का समाधान नहीं होता। ₹500 करोड़ से अधिक के संयुक्त दावों वाले आठ insolvency मामलों पर NCLT का अगला फैसला इसलिए SpiceJet के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों की नजर अब 19 अगस्त की सुनवाई पर रहेगी, क्योंकि उसी से पता चल सकता है कि एयरलाइन को कानूनी राहत मिलती है या उसके खिलाफ insolvency प्रक्रिया आगे बढ़ती है।


