इस कंपनी में बड़ी छंटनी! 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला…वजह डरा सकती है
Snap 1000 layoffs: टेक कंपनियों में काम करने वाले लोगों को AI अब डराने लगा है। जी हां, क्योंकि इसके कारण लगातार छंटनी की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में अमेरिकी कंपनी स्नैप इंक से भी 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की खबर सामने आई है, जिसने लोगों को फिर डरा दिया है।

Snap 1000 layoffs: अमेरिकी तकनीकी और सोशल मीडिया कंपनी स्नैप इंक (Snap Inc.) ने हाल ही में करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी (layoffs) का बड़ा फैसला लिया है, जो उसके कुल फुल-टाइम स्टाफ का लगभग 16% है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब टेक इंडस्ट्री तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है और कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने की रणनीति अपना रही हैं। स्नैप (Snap) का कहना है कि अब उसके नए कोड का 65% से ज्यादा हिस्सा AI की मदद से तैयार हो रहा है, जिससे काम तेज और लागत कम हो रही है।
इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण निवेशकों का दबाव भी है। इरेनिक कैपिटल मैनेजमेंट (Irenic Capital Management) ने कंपनी पर अपने प्रदर्शन को बेहतर करने और खर्च घटाने का दबाव बनाया था। इस निवेश फर्म का स्नैप (Snap) में करीब 2.5% हिस्सा है और उसने कंपनी को अपने घाटे वाले बिजनेस को बंद करने या अलग करने की सलाह भी दी है। खासतौर पर स्नैप (Snap) के AR ग्लास प्रोजेक्ट स्पेक्स (Specs) पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें कंपनी अब तक 3.5 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश कर चुकी है और हर साल लगभग 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।
स्नैप (Snap) के CEO इवान स्पीगल के अनुसार, इस छंटनी के जरिए कंपनी सालाना 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा की बचत करना चाहती है। यह कदम कंपनी को ज्यादा कुशल बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल लागत घटाने से कंपनी की लंबी अवधि की प्रतिस्पर्धा क्षमता पर सवाल बना रह सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में प्री-मार्केट में करीब 9% की तेजी देखी गई, जो यह दिखाता है कि निवेशक फिलहाल इस कदम को सकारात्मक मान रहे हैं। लेकिन, दूसरी तरफ इस साल अब तक स्नैप (Snap) का शेयर करीब 31% गिर चुका है, जो कंपनी के सामने मौजूद चुनौतियों को भी उजागर करता है।
स्नैप (Snap) का यह फैसला टेक इंडस्ट्री में तेजी से बदलते ट्रेंड को दर्शाता है, जहां AI अब सिर्फ एक टूल नहीं बल्कि पूरी वर्कफोर्स स्ट्रक्चर को बदलने वाला बड़ा फैक्टर बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह रणनीति कंपनी को मुनाफे और ग्रोथ की राह पर वापस ला पाती है या नहीं।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


